यूएन में पाक ने की फिर वही गलती जिसका भारत को था इंतजार


नई दिल्ली (New Delhi) . कश्मीर मसले पर बार-बार दुनिया के सामने फजीहत झेलने के बाद भी पाकिस्तान को बात समझ नहीं आती. एक बार फिर से पाकिस्तान ने वही गलती दोहराई है, जिसके लिए संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत उसको हमेशा लताड़ते रहा है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाने को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान, आतंकवाद का सबसे बड़ा समर्थक तथा उसे बढ़ावा देने वाला देश है. साथ ही खुद को इसका पीड़ित बताने का ढोंग करता है. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर एवं कानूनी सलाहकार डॉ. काजल भट्ट ने कहा कि सभी सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी कार्यक्रमों और सम्मेलनों में निहित अपने दायित्वों को पूरा करना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को खत्म करने के तरीकों पर महासभा की छठी समिति (कानूनी) की बैठक में भट्ट ने कहा कि मैं इस बात पर निराशा व्यक्त करना चाहती हूं कि पाकिस्तान ने एक बार फिर इस महत्वपूर्ण मंच का दुरुपयोग करते हुए अपने झूठ को दोहराना शुरू कर दिया है. भट्ट ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, भारत का हिस्सा था और हमेशा रहेगा.

उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान से हिंदू, ईसाई, सिख और बौद्ध सहित अपने सभी अल्पसंख्यक समुदायों का नस्लीय सफाया करना बंद करने की मांग करते हैं. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के दूत मुनीर अकरम द्वारा छठी समिति की बैठक में फिर से कश्मीर के मुद्दे को उठाने और अपनी टिप्पणी में भारत के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के बाद भारत की ओर से यह कड़ी प्रतिक्रिया दी गई. भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने पाकिस्तान का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा है कि भारत सीमा पार से तस्करी किए गए अवैध हथियारों का उपयोग करने वाले आतंकवादी संगठनों से कई दशकों से प्रभावित है. साथ ही उन्होंने वैश्विक समुदाय से ऐसे आतंकवादी संगठनों को बढ़ावा देने वालों की स्पष्ट रूप से निंदा करने का आह्वान भी किया. तिरुमूर्ति ने छोटे एवं हल्के हथियारों पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों को हथियार देने और उनकी तस्करी करने पर परिषद के ध्यान देने की आवश्यकता को दृढ़ता से रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि कई दशकों से मेरा देश, सीमा पार आतंकवाद एवं हिंसा से प्रभावित है. अब तो ड्रोन के माध्यम से भी हथियारों की तस्करी की जाती है.

Check Also

अमेरिकी जॉन केरी ने जलवायु वार्ता की उम्मीदों पर फेरा पानी

वाशिंगटन . अमेरिका के जलवायु दूत जॉन केरी ने संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन को …