
Mumbai , 28 अप्रैल . Mumbai के दहिसर इलाके में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें मोबाइल ऐप के जरिए दुकानदार को ठगने वाले दो आरोपियों को Police ने गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच लोगों को सतर्क रहने की एक अहम चेतावनी भी दे रही है.
दहिसर Police के अनुसार, आरोपी फर्जी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर खुद को “फोन पे” जैसे डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोगकर्ता बताते थे. वे दुकानदारों को यह विश्वास दिलाते थे कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, जबकि वास्तव में कोई लेन-देन नहीं होता था.
जानकारी के अनुसार घटना 23 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 4:30 बजे की है, जब दहिसर पूर्व स्थित एक पान की दुकान पर दो युवक पहुंचे. उन्होंने दुकानदार से 4 हजार रुपये ट्रांसफर करने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वे तुरंत मोबाइल ऐप के जरिए भुगतान कर देंगे. आरोपियों ने क्यूआर कोड स्कैन कर अपने मोबाइल में फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाया और दुकानदार को 3 हजार और फिर 1 हजार रुपये की पेमेंट होने का नकली मैसेज भी दिखाया.
इसके बाद आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी की मदद से दुकानदार से 4 हजार रुपये नकद ले लिए. हालांकि, कुछ ही देर बाद जब दुकानदार के मोबाइल पर पैसे आने का कोई संदेश नहीं आया, तो उसे शक हुआ. उसने आरोपियों से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री दिखाने को कहा, लेकिन वे मौके से भागने लगे.
दुकानदार ने तुरंत Police को सूचना दी, जिसके बाद Police ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों का पीछा कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में दहिसर Police स्टेशन में भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
Police का कहना है कि आरोपी इसी तरह कई दुकानदारों को निशाना बनाने की फिराक में थे. फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने और कितने लोगों को इस तरह ठगा है.
Police ने आम लोगों और खासकर छोटे व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी डिजिटल भुगतान को स्वीकार करने से पहले अपने बैंक खाते में पैसे आने की पुष्टि जरूर करें. केवल स्क्रीनशॉट या मैसेज पर भरोसा न करें, क्योंकि इस तरह के फर्जीवाड़े के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.
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पीएम
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