नेपाली में जेन-जी के चहेते पीएम बालेंद्र शाह के खिलाफ युवाओं ने क्यों खोला मोर्चा? कुछ ही महीने में उठी इस्तीफे की मांग

काठमांडू, 18 जुलाई . नेपाल में Prime Minister बालेंद्र शाह के खिलाफ जेन-जी का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. इसका ताजा उदाहरण बीते दिन युवाओं की तरफ से किए जा रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान देखने को मिला. पिछले जेन-जी आंदोलन के तहत नेपाल के युवाओं ने केपी ओली की Government गिराकर बालेंद्र शाह को सत्ता तक पहुंचाया था. बड़े-बड़े दावे करने वाली बालेंद्र शाह की Government से लोगों की उम्मीदें ज्यादा थीं, लेकिन उनके फैसलों की वजह से धीरे-धीरे लोगों में नाराजगी बढ़ने लगी, जिसका नतीजा निकला कि एक बार फिर जेन-जी नेपाल की सड़कों पर उतर आया है.

सत्ता संभालने के चार महीने से भी कम समय में Prime Minister शाह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं. Prime Minister बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अंदर भी असंतोष देखने को मिल रहा है. इन सबके बीच नेपाल के 25 साल के युवक गणेश नेपाली की मौत ने लोगों के गुस्से को और हवा दे दी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, झुग्गी बस्तियों पर हो रहे बुलडोजर एक्शन, सरकारी सुरक्षा में खड़ी गाड़ी द्वारा मीडिया गेट को अवरुद्ध करना और गणेश नेपाली द्वारा आत्मदाह करने का मामला लोगों के गुस्से का कारण बना है. हालात ये हैं कि नेपाल में एक बार फिर से नवनियुक्त Prime Minister के इस्तीफे की मांग उठने लगी है.

अप्रैल से Government के बेदखली अभियान के दौरान काठमांडू में नदी किनारे अवैध कब्जे वाले 2,600 से ज्यादा घर गिरा दिए गए हैं. इससे 15,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं. लोगों का कहना है कि बिना किसी ठोस विकल्प और पुनर्वास की व्यवस्था के लोगों से उनका आसियाना छीन लिया गया. Government के इस कदम के कारण बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं बेघर हो गईं.

इन लोगों के लिए शांतिपूर्वक आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को Police ने हिरासत में ले लिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया.

यह गुस्सा तब और बढ़ गया जब काठमांडू Police ने पार्किंग नियम तोड़ने पर गणेश नेपाली नाम के राइड शेयरिंग ड्राइवर की मोटरसाइकिल का पहिया दबा दिया, जिसके बाद उसने खुद को आग लगा ली.

नेपाल में बेरोजगारी लंबे समय से बड़ा मुद्दा रहा है. पिछले साल सितंबर 2025 में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान भी बेरोजगारी युवाओं का एक मुद्दा रहा. ऐसे में वर्तमान Government पर युवाओं का आरोप है कि नए बजट और आर्थिक नीतियों में भी बेरोजगारी से निपटने के लिए कुछ खास ऐलान नहीं किए गए. इसके अलावा, देश के किसानों ने भी मौजूदा Government के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है.

जेन-जी आंदोलन के दौरान युवाओं को बड़े सपने दिखाए गए थे. शुरुआती दिनों में वीआईपी कल्चर को लेकर शाह Government के फैसलों ने काफी सुर्खियां भी बटोरीं, लेकिन देश चलाना, लोगों की जरूरतें और परेशानियों को समझकर उनका समाधान निकालना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना केवल जुमलेबाजी से कहीं ऊपर की चीज है. अपने वादों और भाषणों से युवाओं को प्रेरित करने वाली और उनकी उम्मीदें जगाने वाली बालेंद्र शाह की Government वर्तमान समय में कई मोर्चों पर कठघरे में खड़ी नजर आ रही है.

आने वाले समय में अगर बालेंद्र शाह इस्तीफा दे देते हैं, तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी. दरअसल, नेपाली की Political काफी अस्थिर है. बीतें कई साल में नेपाल के किसी Prime Minister ने अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया है.