‘मन की बात’ में मनोरमा नदी के सफाई अभियान को मिली राष्ट्रीय पहचान, बस्ती के आकाश गुप्ता बोले-यह गर्व की बात

बस्ती, 31 मई . Prime Minister Narendra Modi के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड में उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक छोटे से गांव के युवा समाजसेवी आकाश गुप्ता और उनकी टीम द्वारा चलाए जा रहे मनोरमा नदी सफाई अभियान का उल्लेख किया गया. Prime Minister द्वारा राष्ट्रीय मंच से उनके प्रयासों की सराहना किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है.

आकाश गुप्ता और उनकी टीम ने भी गांव में बैठकर ‘मन की बात’ कार्यक्रम सुना और Prime Minister द्वारा अपने कार्यों का जिक्र किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की.

समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए आकाश गुप्ता ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने उनके सफाई अभियान की सराहना की, जो उनके और पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है. उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के एक छोटे से गांव से आते हैं और Prime Minister द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर उनके गांव और उनके कार्य को पहचान मिलना बेहद प्रेरणादायक है. उन्होंने कहा कि पूरा गांव Prime Minister मोदी का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने उनके प्रयासों को देशभर के लोगों तक पहुंचाया.

आकाश ने Prime Minister मोदी के नमामि गंगे और स्वच्छता अभियान की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं है, बल्कि यह सामूहिक प्रयास से ही संभव हो सकता है. जब तक देश का प्रत्येक नागरिक इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक स्वच्छता के लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता.

उन्होंने बताया कि उनकी टीम में फिलहाल चार सदस्य हैं और इन चार लोगों ने लगातार 65 दिनों तक मेहनत करके लगभग 300 मीटर क्षेत्र की सफाई की है. यदि इस अभियान से और लोग जुड़ेंगे तो सफाई कार्य और तेजी से आगे बढ़ सकेगा.

आकाश गुप्ता का मानना है कि प्रकृति द्वारा प्रदान किए गए संसाधनों की रक्षा और सफाई की जिम्मेदारी भी समाज की ही है. उन्होंने कहा कि नदियों, तालाबों और जल स्रोतों में गंदगी फैलाने वाले भी हम ही हैं, इसलिए इन्हें साफ रखने का दायित्व भी हमारा है. उन्होंने बताया कि नदी की सफाई का कार्य पूरा होने के बाद उनकी टीम वर्षा ऋतु में नदी किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाएगी, ताकि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके.

दरअसल, बस्ती जिले की पौराणिक मनोरमा नदी लंबे समय से अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी. कभी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रही यह नदी प्लास्टिक कचरे, जलकुंभी और अन्य गंदगी से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी थी.

कई स्थानों पर नदी की स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि वह नदी कम और नाले जैसी अधिक दिखाई देने लगी थी. ऐसे समय में समाजसेवी आकाश गुप्ता ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नदी को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया.

करीब दो महीने पहले शुरू किए गए इस अभियान के तहत युवाओं की टीम ने बिना किसी सरकारी सहायता के लगातार श्रमदान किया और नदी के भीतर जमा प्लास्टिक, जलकुंभी तथा अन्य कचरे को हटाने का कार्य शुरू किया. सफाई अभियान हर्रैया विधानसभा क्षेत्र के लजघटा गांव से शुरू किया गया, जो क्षेत्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बना. इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजय सिंह करते हैं.

आकाश और उनकी टीम ने केवल सफाई अभियान चलाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने वीडियो बनाकर social media और अन्य माध्यमों से लोगों तथा प्रशासन का ध्यान भी इस समस्या की ओर आकर्षित किया. उनके प्रयासों का असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है. जहां पहले नदी गंदगी से अटी पड़ी थी, वहीं अब उसका स्वरूप काफी हद तक स्वच्छ और सुंदर दिखाई दे रहा है. स्थानीय लोग नदी में स्नान कर रहे हैं, जबकि पशु भी इसका पानी पीने लगे हैं.

युवाओं की इस पहल ने पूरे इलाके में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी की एक नई मिसाल पेश की है. स्थानीय लोग उनके समर्पण और मेहनत की सराहना कर रहे हैं. Prime Minister मोदी द्वारा ‘मन की बात’ में इस अभियान का उल्लेख किए जाने के बाद यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे देशभर के युवाओं को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए प्रेरणा मिलेगी.

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