फरीदाबाद: लाकडाउन में किया प्रेमविवाह, जज ने जोड़े व पुजारी पर करा दी FIR, कोर्ट ने की रद्द

चंडीगढ़ (Chandigarh) . महामारी (Epidemic) कोरोना (Corona virus) के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए लागू लाकडाउन के दौरान प्रेम विवाह करना एक प्रेमी जोड़े को महंगा पड़ गया, हालांकि बाद में वे सभी आरोपों ले बरी हो गए. फरीदाबाद की जिला अदालत ने सुरक्षा देने के आदेश तो दे दिए, साथ ही लाकडाउन में शादी करने पर प्रेमी जोड़े व शादी कराने वाले पंडित के खिलाफ केस दर्ज करा दिया था. एफआईआर (First Information Report) रद्द कराने के लिए तीनों पंजाब (Punjab) एवं हरियाणा (Haryana) हाई कोर्ट पहुंचे.

हाई कोर्ट ने कहा कि लाकडाउन में शादी करने पर रोक नहीं थी. रोक थी केवल 50 से ज्यादा लोग एकत्रित होने पर. इस मामले में प्रेमी जोड़े की शादी में इनके अलावा दो गवाह व एक पंडित था. ऐसे में इन्होंने किसी भी नियम को नहीं तोड़ा. इसी के साथ हाई कोर्ट ने एफआईआर (First Information Report) रद्द करने का आदेश जारी कर दिया. हुआ यूं कि एक प्रेमी जोड़े ने 7 मई 2020 को फरीदाबाद में आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया. इसके कुछ दिन बाद दोनों ने फरीदाबाद कोर्ट में जाकर परिजनों से जान का खतरा होने का हवाला देकर सुरक्षा देने की गुहार लगाई. सेशन कोर्ट ने उनको सुरक्षा देने के आदेश तो दे दिए, लेकिन साथ ही सवाल उठाया कि 7 मई को तो लाकडाउन था, फिर इनका विवाह कैसे हुआ.

कोर्ट को बताया गया कि आर्य समाज मंदिर में राकेश पंडित ने इनका विवाह करवाया है. कोर्ट को पता चला कि दोनों ने विवाह के लिए अधिकारियों से किसी भी तरह की मंजूरी भी नहीं ली. इस पर एडीशनल सेशन जज ने प्रेमी जोड़े लोकेश गर्ग व सोनिया तथा उनका विवाह करवाने वाले पंडित राकेश के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की पुलिस (Police) को सिफारिश कर दी. सेक्टर सात पुलिस (Police) स्टेशन ने एडीशनल सेशन जज की शिकायत पर तीनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. इसके बाद तीनों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (First Information Report) को रद्द करने की मांग की थी.

याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि एक मई को केंद्र सरकार (Central Government)द्वारा निर्देश के अनुसार विवाह में 50 लोगों को एकत्रित होने की छूट दी गई थी, इसलिए उन्हें किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं थी. उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (First Information Report) गलत है. यह रद्द होनी चाहिए. हाई कोर्ट की जस्टिस रितू बाहरी ने याचिका पर जब फरीदाबाद पुलिस (Police) से जवाब मांगा तो पुलिस (Police) जवाब में यह साबित नहीं कर पाई कि शादी में कहीं भी लाकडाउन के नियम को तोड़ने का काम किया गया है. लिहाजा, पंजाब (Punjab) एवं हरियाणा (Haryana) हाई कोर्ट ने नवदंपती और पुजारी पर दर्ज एफआईआर (First Information Report) को रद्द करने के निर्देश जारी कर दिए.

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