
वॉशिंगटन, 21 मई . अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की एक टीम ने कहा है कि उसने Pakistan की आर्थिक स्थिति को लेकर ‘रचनात्मक बातचीत’ की है. इसमें मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए असर, देश के आर्थिक सुधारों की प्रगति और वित्त वर्ष 2027 के बजट की रणनीति पर चर्चा शामिल थी.
इवा पेट्रोवा के नेतृत्व में आईएमएफ की टीम 13 मई से 20 मई के बीच इस्लामाबाद में मौजूद थी. Wednesday (यूएस समय) को जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, बातचीत में हाल के आर्थिक हालात, सुधारों के लागू होने की स्थिति और Pakistan के अगले संघीय बजट की तैयारियों पर बात हुई.
इवा पेट्रोवा ने बयान में कहा, “हमने अधिकारियों के साथ हाल के आर्थिक विकास, मध्य पूर्व के संघर्ष से पैदा होने वाले असर, वित्तीय वर्ष 2027 बजट की तैयारी और एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी (ईएफएफ) तथा रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत सुधार एजेंडे की प्रगति पर रचनात्मक बातचीत की.”
आईएमएफ ने बताया कि Pakistan के अधिकारियों ने वित्त वर्ष 2027 के लिए जीडीपी के दो प्रतिशत प्राइमरी सरप्लस टारगेट के लक्ष्य पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. इसे आर्थिक स्थिरता और मजबूती के लिए जरूरी बताया गया.
आईएमएफ के अनुसार, इस वित्तीय अनुशासन को बढ़ाने के लिए कर आधार बढ़ाने, कर प्रशासन को बेहतर बनाने, खर्च की दक्षता सुधारने और संघीय तथा प्रांतीय स्तर पर सार्वजनिक वित्त प्रबंधन मजबूत करने पर काम किया जाएगा.
आईएमएफ ने यह भी कहा कि वित्तीय वर्ष 2027 बजट पर बातचीत आने वाले दिनों में जारी रहेगी.
बयान में महंगाई और ऊर्जा कीमतों को लेकर भी चिंता जताई गई, खासकर क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच.
पेट्रोवा ने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ Pakistan मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति बनाए रखने के अपने रुख पर कायम है. साथ ही यह भी कहा गया कि ऊर्जा कीमतों में बदलाव के संभावित असर पर लगातार नजर रखी जाएगी.
आईएमएफ ने यह भी कहा कि Pakistan को अपनी मुद्रा विनिमय दर को अधिक लचीला बनाए रखना चाहिए, ताकि यह बाहरी झटकों को संभालने में मदद कर सके. साथ ही विदेशी मुद्रा बाजार को गहरा और मजबूत बनाने की कोशिश जारी रहनी चाहिए.
बातचीत में ऊर्जा क्षेत्र, सरकारी कंपनियों, उत्पाद बाजार में सुधार और वित्तीय क्षेत्र के सुधारों पर भी चर्चा हुई, ताकि लंबे समय में निजी निवेश को बढ़ावा मिल सके.
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एवाई/एबीएम
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