पूर्वोत्तर में शांति और स्थिरता पर असम सरकार-सेना के बीच अहम बैठक, सुरक्षा सहयोग मजबूत करने पर जोर

गुवाहाटी, 17 जुलाई . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Friday को भारतीय सेना की गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ बैठक की और पूर्वोत्तर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा की स्थिति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की.

social media पर बातचीत की जानकारी देते हुए Chief Minister ने बैठक को फायदेमंद बताया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने में भारतीय सेना के योगदान की सराहना की.

सरमा ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “गजराज कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ अच्छी बातचीत हुई. इस क्षेत्र में गजराज कोर का गौरवशाली इतिहास रहा है और यह शांति और स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है. आगे की राह पर चर्चा की गई.”

यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पूर्वोत्तर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में काफी सुधार हुआ है. पिछले कुछ वर्षों में कई विद्रोही समूहों ने केंद्र और असम Government के साथ शांति समझौते किए हैं.

असम के तेजपुर में मुख्यालय वाली गजराज कोर, भारतीय सेना की उन अहम ऑपरेशनल यूनिट्स में से एक है जो पूर्वी सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं.

अपनी ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के अलावा यह कोर पूरे क्षेत्र में मानवीय सहायता, आपदा राहत कार्यों और कई नागरिक कल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से शामिल रही है.

अधिकारियों ने कहा कि इस बातचीत से सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और सीमावर्ती व दूरदराज के इलाकों में विकास कार्यों में सहयोग करने के मामले में असम Government और भारतीय सेना के बीच करीबी तालमेल का भी पता चलता है.

सेना असम में बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान नागरिक प्रशासन की मदद करने के साथ-साथ अपने आउटरीच कार्यक्रमों के तहत कल्याणकारी पहल भी करती रही है.

हालांकि Chief Minister ने बातचीत की खास जानकारी नहीं दी, लेकिन उनके बयानों से संकेत मिलता है कि चर्चा का मुख्य फोकस सहयोग को मजबूत करने और पूर्वोत्तर में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की रणनीति बनाने पर था.

इस बैठक ने विकास और जन-कल्याण को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र के रणनीतिक हितों की रक्षा करने में राज्य प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को भी रेखांकित किया.

एएसएच/