
New Delhi, 20 जुलाई . संसद का मानसून सत्र Monday से शुरू हो गया है. सत्र को लेकर BJP MP संजय जायसवाल ने कहा कि इस बार का मानसून सत्र कई महत्वपूर्ण विधेयकों के कारण खास रहने वाला है. उन्होंने उम्मीद जताई कि विपक्ष भी सकारात्मक माहौल में चर्चा में हिस्सा लेगा और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलेगी.
संजय जायसवाल ने कहा कि मानसून सत्र में कई महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा होनी है. शुरुआत में Supreme Court से जुड़े जजेस अमेंडमेंट एक्ट और इनकम टैक्स अमेंडमेंट समेत कई संशोधन विधेयकों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं से भी बातचीत हुई है और सभी से सदन को बेहतर तरीके से चलाने की अपील की गई है.
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने भी चर्चा के लिए अपनी कुछ मांगें रखी हैं, जिन पर Government विचार करेगी. उन्होंने कहा कि सभी दल सदन की गरिमा बनाए रखते हुए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पेश किए जाने को लेकर संजय जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान हर नागरिक की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि देश में राष्ट्रगान के अपमान को लेकर पहले से कानून मौजूद है, लेकिन वंदे मातरम के सम्मान को लेकर भी स्पष्टता जरूरी है.
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की आवाज रहा है. आजादी के संघर्ष के दौरान कई स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे प्रेरणा के रूप में अपनाया. उन्होंने कहा कि जिस तरह राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का सम्मान है, उसी तरह राष्ट्रगीत वंदे मातरम का भी सम्मान होना चाहिए.
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा Prime Minister Narendra Modi को लिखे पत्र पर संजय जायसवाल ने कहा कि इसका जवाब उन्हें जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिल जाएगा. उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है और रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए.
वहीं, भाजपा प्रवक्ता टी.आर. श्रीनिवास ने इस मुद्दे पर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने Prime Minister को पत्र लिखकर राम मंदिर चंदे से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, लेकिन उन्हें अपने पुराने रुख को भी याद करना चाहिए.
श्रीनिवास ने कहा कि कांग्रेस ने पहले राम और रामसेतु को लेकर अलग रुख अपनाया था और अब Political लाभ के लिए राम मंदिर के मुद्दे पर सक्रिय हो रही है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेताओं का यह कदम Political नजर आ रहा है.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामलों की जांच प्रक्रिया चल रही है और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा. पीएम मोदी खुद इस पर नजर है इसलिए कांग्रेस बोलने की जरूरत नहीं है, जबरदस्ती राम भक्त बनने की जरूरत नहीं है.
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पीआईएम/पीएम
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