होर्मुज स्ट्रेट के पास टैंकर पर हमले की आईएमओ ने की निंदा

लंदन, 11 जून . अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक टैंकर पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. इस हमले के बाद कथित तौर पर तीन लोग लापता हैं.

आईएमओ ने अपने एक बयान में कहा कि पलाऊ के झंडे वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो में आग लग गई, क्योंकि ओमान के तट के पास कथित तौर पर उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था. आईएमओ के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों की जान और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली कोई भी हरकत बिल्कुल अस्वीकार्य है.

डोमिंग्वेज ने इस बात पर जोर दिया कि नाविकों, नागरिक जहाजों और नेविगेशन की आजादी की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को प्रभावित करने वाली सभी कार्रवाइयों में अंतरराष्ट्रीय कानून और समुद्र में जीवन की सुरक्षा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए. आईएमओ ने घटना की परिस्थितियों की पूरी और पारदर्शी जांच की मांग की.

संगठन के अनुसार, 28 फरवरी से होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर 43 हमलों की पुष्टि हुई है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, Wednesday को एक अलग बयान में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने Tuesday देर रात ओमान की खाड़ी में टैंकर को निष्क्रिय कर दिया था. सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना के एक विमान ने जहाज के इंजन रूम में सटीक निशाना साधने वाले हथियार दागे, क्योंकि चालक दल ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का बार-बार पालन करने से इनकार कर दिया था.

इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में, India ने Wednesday को ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. इस घटना के बाद कथित तौर पर तीन भारतीय क्रू सदस्य अभी भी लापता हैं.

विदेश मंत्रालय (एमईए) ने एक बयान में कहा, “हम आज ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हुए हमले की निंदा करते हैं. जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से 21 भारतीयों को अब तक बचा लिया गया है और 3 भारतीय कथित तौर पर लापता हैं. ओमान में हमारा दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और चल रहे खोज व बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है.”

बयान में आगे कहा गया कि इस क्षेत्र में शिपिंग पर हमलों की लगातार घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं और यह क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का सीधा परिणाम हैं. बयान में कहा गया, “हम तनाव को तुरंत कम करने और कूटनीतिक समाधान के लिए चल रही बातचीत को पूरा करने की अपनी मांग दोहराते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट सके. क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग और आम लोगों के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से स्वतंत्र और बिना किसी रुकावट के आवाजाही और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए.”

डीसीएच/