IMF ने सभी देशें को दी चेतावनी, कहा-इकोनॉमिक ग्रोथ धीमी रहने पर आर्थिक संकट की है आशंका

नई दिल्‍ली. अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ)  ने वैश्विक आर्थिक विकास को लेकर दुनिया को सचेत किया है. आईएमएफ ने दुनिया भर की सरकारों को आगाह करते कहा कि आर्थिक विकास उम्मीद से कम रहने पर आने वाले संकट का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा.  उन्‍होंने कहा कि वर्ल्‍ड की दो टॉप अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन  के बीच जारी शुल्क युद्ध का वैश्विक असर दिखने लगा है.

अनुमान से भी है ग्‍लोबल अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लगार्ड ने दुबई में आयोजित  विश्व सरकार शिखर सम्मेलन में कहा कि हम एक ऐसी अर्थव्‍यवस्‍था को देख रहे हैं जो अनुमान से भी कम रफ्तार की दर से वृद्धि कर रही है. बता दें आईएमएफ ने पिछले महीने ही इस साल की वैश्विक आर्थिक विकास दर का पूर्वानुमान 3.7 फीसदी से घटाकर 3.5 फीसदी कर दिया था.

लगार्ड ने कहा,  कभी भी उठ सकता है तूफान

लगार्ड ने उन कारकों को वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था के सुस्त पड़ने की वजह बताया, जिन्हें वह अर्थव्यवस्था के ऊपर मंडराने वाले ‘चार बादल’ बताती रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि तूफान कभी भी उठ सकता है. उन्होंने कहा कि इन जोखिमों में व्यापारिक तनाव और शुल्क बढ़ना, राजकोषीय स्थिति में सख्ती,  इतना ही नहीं ब्रेक्जिट को लेकर अनिश्चितता और चीन की अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ने की रफ्तार तेज होना शामिल है.

लगार्ड ने संरक्षणवाद से बचने की दी सलाह

आईएमएफ चीफ ने सरकारों को संरक्षणवाद से बचने की सलाह देते हुए कहा कि हमें इस बारे में कोई अंदाजा नहीं है कि यह किस तरह खत्म होने वाला है. क्या यह व्यापार, भरोसा और बाजार पर असर दिखाने की शुरुआत कर चुका है. लगार्ड ने कर्ज की बढ़ती लागत को भी जोखिम बताया. उन्होंने कहा कि जब इतने सारे बादल छाये हों तो तूफान शुरू होने के लिए बिजली की एक चमक काफी है.

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