
Ahmedabad, 19 जुलाई . Ahmedabad में जिस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होने से नौ लोगों की मौत हुई थी, वहां अवैध रूप से निर्मित ढांचों को प्रशासन ने Sunday को ध्वस्त कर दिया. वहीं, Police ने शहरभर में बिना अनुमति संचालित पटाखा निर्माण इकाइयों के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है.
Gujarat Police ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि यह कार्रवाई Saturday को हुए विस्फोट वाली जगह पर की गई. यह स्थान रामोल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वस्त्राल गांव में है.
बयान में कहा गया, “यह कार्रवाई Ahmedabad Police आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत, संयुक्त Police आयुक्त (सेक्टर-2) जयपाल सिंह राठौड़ और Police उपायुक्त (जोन-8) मयूर पाटिल के मार्गदर्शन में की गई.”
Police ने बताया कि घटना स्थल पर बने अवैध निर्माण के खिलाफ कानूनी रूप से तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. साथ ही अन्य अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्रियों के खिलाफ भी जांच और कार्रवाई जारी है.
यह ध्वस्तीकरण कार्रवाई रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) कैंप के पीछे रामोल-गात्राड रोड स्थित ‘न्यू Gujarat फायर वर्क्स’ इकाई में हुए विस्फोट के बाद शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है.
इस विस्फोट में नौ मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे. हादसे के बाद Police, आरएएफ जवानों और Ahmedabad फायर एंड इमरजेंसी सर्विस की टीम ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया था.
Police का आरोप है कि फैक्ट्री अवैध रूप से चल रही थी. उसका लाइसेंस समाप्त हो चुका था और उसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था. जांचकर्ताओं के अनुसार, गणेश उत्सव के लिए मिले ऑर्डर पूरे करने के लिए फैक्ट्री ने हाल ही में दोबारा पटाखों का निर्माण शुरू किया था. इस मामले में रामोल थाने में मामला दर्ज किया गया है.
Police ने फैक्ट्री संचालक रमिला डोडिया, उसके बेटे मेहुल डोडिया के अलावा सादिक सैयद नाम के शख्स को भी गिरफ्तार किया है.
जांच एजेंसियां फैक्ट्री के संचालन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं. इसमें विस्फोटक सामग्री के स्रोत और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है.
इससे पहले शहर के Police आयुक्त ने Police उपायुक्त मयूर पाटिल की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था. इसमें सहायक Police आयुक्त वाईए गोहिल और रामोल Police निरीक्षक वीडी मोरी को सदस्य बनाया गया है.
तीन सदस्यीय एसआईटी को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, विस्फोटक विशेषज्ञों, अग्निशमन विभाग, श्रम विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर विस्तृत जांच करने और 10 दिनों के भीतर प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
यह कार्रवाई अवैध पटाखा निर्माण इकाइयों के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है.
विस्फोट के बाद से Police, Ahmedabad नगर निगम और फायर विभाग शहर के बाहरी इलाकों में लगातार जांच अभियान चला रहे हैं. इस दौरान बिना अनुमति चल रही इकाइयों की पहचान कर उन्हें सील किया जा रहा है. वहीं, शहर के हाल के सबसे घातक औद्योगिक हादसों में से एक की जांच भी जारी है.
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एएमटी/
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