ड्राइविंग टेस्ट (Driving Test) में फेल हुए तो मोबाइल पर आएगा गलतियों का वीडियो लिंक

driving test
नई दिल्ली (New Delhi) . ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर फेल हो रहे चालकों को अपनी गलतियों को सुधारने के लिए उसके वीडियो का लिंक उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा. वीडियो में वह किन कारणों से फेल हो रहे हैं उसकी जानकारी भी उपलब्ध होगी. दिल्ली सरकार सभी ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का संचालन दशहरे के बाद निजी कंपनी के हाथों में देने जा रही है, जिसके बाद यह सेवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी.

वर्तमान में दिल्ली में ड्राइविंग टेस्ट देने वाले हर तीसरा आदमी फेल हो रहा है. सितंबर के आंकड़ों पर नजर डालें तो 33 फीसदी लोग ऑटोमैटिक ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो रहे हैं. बीते सितंबर माह में कुल 40 हजार 950 से अधिक लोग शामिल हुए, जिसमें 13 हजार 515 लोग फेल हो गए. हालांकि, वर्ष 2020 में इसी माह यानि सितंबर में 4148 लोगों ने ड्राइविंग टेस्ट दिया उस समय 1311 लोग फेल हुए थे.

कोविड के बाद वैसी ही दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आवेदनों की संख्या बढ़ गई है. लर्निंग, स्थायी लाइसेंस के रोजाना 2000 से अधिक आवेदन मिल रहे हैं. वहीं 30 फीसदी लोगों के फेल होने से दोबार ड्राइविंग टेस्ट के लिए आवेदन बढ़ गया है. यही वजह है कि दोबारा टेस्ट के लिए जहां सात दिन में समय मिलना चाहिए वह 30 से 40 दिन के अंतराल पर टाइम मिल रहा है.

नए आवेदकों को भी एक से दो महीने का समय मिल रहा है. स्वचालित ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट के दौरान कुल 24 ड्राइविंग स्किल पर निगरानी की जाती है. इसमें अंग्रेजी के आठ के आकार पर कर्व के साथ ड्राइविंग, अंग्रेजी के एस साइज के ट्रैक पर बैकगियर में ड्राइविंग, चढ़ाई के अलावा पार्किंग में वाहन लगाने से लेकर चालक के व्यवहार जैसे ट्रैफिक जंक्शन, लेन ड्राइविंग व जेब्रा क्रॉसिग का भी ध्यान रखना होता है. यह सब निगरानी सेंसर्स के जरिए होती है. इसमें चालक सबसे अधिक पार्किंग, लेन ड्राइविंग, चढ़ाई और बैक गियर में वाहन चलाते समय फेल हो रहे हैं. इसलिए सरकार ने चालकों को उनकी गलतियों का वीडियो भेजने का फैसला किया है जिससे वह उससे सबक ले सके.

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