हिज्बुल्लाह ने इजरायली विमानों पर दागीं मिसाइलें, आईडीएफ ने किया दावा

तेल अवीव, 6 जून . इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने हिज्बुल्लाह की ओर हमले किए जाने का दावा किया है. आईडीएफ ने कहा है कि हिज्बुल्लाह की ओर से इजराइली वायुसेना के विमानों को निशाना बनाकर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दागी गईं. हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही विमान को कोई नुकसान पहुंचा है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल दागे जाने के बाद किर्यत शमोना शहर और लेबनान सीमा के पास उत्तर-पूर्वी इजरायल के आठ गांवों में हवाई हमले के सायरन बज उठे, जिससे हजारों निवासी सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) की ओर भागने लगे.

ये घटनाक्रम तब सामने आया, जब इजरायल और लेबनान ने Wednesday को वाशिंगटन में त्रिपक्षीय बातचीत के बाद युद्धविराम लागू करने पर सहमति व्यक्त की थी.

इसी बीच, लेबनान के President जोसेफ आउन ने अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान का इस्तेमाल सौदेबाजी के तौर पर करने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने हिज्बुल्लाह के महासचिव नईम कासिम की भी आलोचना करते हुए कहा कि लेबनान के लोग युद्ध से थक चुके हैं और शांति से जीवन जीना चाहते हैं.

आउन ने ये बातें एक साक्षात्कार में कहीं, जिसे लेबनान के President कार्यालय ने Friday (स्थानीय समय) को जारी किया.

Thursday को, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक बयान में कहा कि अमेरिका और इजरायल के साथ 8 अप्रैल के समझौते को स्वीकार करने के लिए ईरान की मुख्य शर्त लेबनान सहित सभी मोर्चों पर पूर्ण युद्धविराम थी.

साक्षात्कार में आउन ने कहा, “यह आपका देश नहीं है, यह हमारा देश है.” उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय ताकतों की ओर से अपने हितों को साधने के लिए लेबनान का इस्तेमाल करना अस्वीकार्य है, जबकि लेबनान के नागरिक मौत, विस्थापन और तबाही के रूप में संघर्ष के परिणाम भुगत रहे हैं.

President आउन ने कहा कि लेबनान और इजरायल के बीच संघर्ष को समाप्त करने का एकमात्र व्यावहारिक तरीका बातचीत ही है. उन्होंने कहा कि लेबनान के राज्य और Government को हिज्बुल्लाह के मुद्दे को घरेलू स्तर पर हल करना होगा. इसके लिए समूह की सशस्त्र मौजूदगी के मूल कारणों से निPatna होगा, जिसमें इजरायल का लेबनान के क्षेत्र से हटना और संघर्ष का अंत शामिल है.

आउन ने कहा कि सभी समुदायों और क्षेत्रों के लेबनानी लोग दशकों के संघर्ष से थक चुके हैं.

समझौते का विरोध करने और सड़क पर विरोध प्रदर्शनों के जरिए Government गिराने की धमकी देने वाले कासिम के बयानों पर टिप्पणी करते हुए आउन ने कहा, “वे लेबनान के लोग हैं, न कि नईम कासिम के लोग.”

डीसीएच/