सीट बदलने से स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होना वैचारिक दिवालियापन: गौरव वल्लभ

New Delhi, 15 अगस्त . भाजपा नेता गौरव वल्लभ ने Prime Minister Narendra Modi के स्वतंत्रता दिवस संबोधन की सराहना करते हुए महिला आरक्षण, युवाओं, नक्सलवाद और विकसित India के लक्ष्य को लेकर कही गई बातों का समर्थन किया. उन्होंने विपक्षी दलों से महिलाओं के अधिकारों के रास्ते में किसी तरह की बाधा नहीं डालने की अपील करने वाले Prime Minister के संदेश को महत्वपूर्ण बताया. साथ ही, लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और Lok Sabha के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शामिल नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाए.

गौरव वल्लभ ने कहा कि Prime Minister ने सभी Political दलों से देश की मातृशक्ति, माताओं और बहनों के अधिकारों के बीच अड़चनें नहीं डालने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार देना ही 2047 तक विकसित India बनाने के संकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन विपक्षी दलों ने पहले महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विरोध किया, वे Prime Minister के आह्वान के बाद अपनी सोच बदलेंगे और महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के रास्ते में बाधा पैदा करने की राजनीति समाप्त करेंगे.

Prime Minister मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ संबंधी बयान का समर्थन करते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि जो लोग दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ बताते हैं, वे मानसिक रूप से India और उसके विकास के खिलाफ हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग विदेशी धरती पर India विरोधी ताकतों से मिलते हैं या India के शत्रु देशों से फंडिंग लेते हैं, वे ही देश की विकास यात्रा के खिलाफ हैं. ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें अलग-थलग करना जरूरी है, ताकि India के विकास और 2047 के विकसित India के लक्ष्य में कोई बाधा न आए.

उन्होंने कहा कि Prime Minister ने 2047 के विकसित India के संकल्प में युवाओं को सबसे मजबूत आधार बताया है. उन्होंने एक करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग देने की बात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि Prime Minister ने चिप से शिप तक India की क्षमता बढ़ाने और 2036 में ओलंपिक की मेजबानी की तैयारियों को लेकर देश के सामने एक व्यापक विजन रखा. लाल किले से पीएम मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को आगे बढ़ाने की Government की प्राथमिकताओं का खाका देश के सामने रखा.

स्वतंत्रता दिवस समारोह में मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के शामिल नहीं होने पर गौरव वल्लभ ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के नेता को स्वतंत्रता दिवस के सबसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर कोई नेता सीट बदलने की वजह से लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं होता है तो यह वैचारिक कमजोरी को दर्शाता है. वल्लभ ने इसे वैचारिक दिवालियापन बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस किसी एक Political दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे देश का पर्व है.

गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति उन स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का अपमान है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया. उन्होंने महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस का जिक्र करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले के कार्यक्रम में शामिल नहीं होना छोटी मानसिकता का परिचय है. उन्होंने कहा कि देश और संविधान से जुड़े इतने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर Political मतभेदों को पीछे रखकर सभी दलों को साथ खड़ा होना चाहिए.

/डीकेपी