खिलाड़ियों के लिए मनोवैज्ञानिकों की सेवायें लेगी आईसीसी : मार्शल

मुम्बई (Mumbai) . अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा है कि आगामी टी20 विश्व कप के लिए आईसीसी मनोवैज्ञानिकों की सेवायें लेगी. आईसीसी के अनुसार लगातार बायो बबल (जैव सुरक्षा घेरे) में रहने से खिलाड़ियों की मानसिक सेहत खराब हो रही है और इस कारण वे अवसाद के भी शिकार हो रहे हैं. इन समस्याओं को दूर करने के लिए ही आईसीसी मनोवैज्ञानिकों की सहायता ले रही है. आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट के प्रमुख और बायो सुरक्षित वातावरण की देखरेख के प्रभारी एलेक्स मार्शल ने कहा है कि बायो बबल के उल्लंघन के मामले टीम प्रबंधन देखेगा. उन्होंने 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के दौरान ठीक से प्रोटोकॉल के पालन की सलाह दी है. उन्होंने कहा,‘‘ कुछ लोगों को स्वीकार करना होगा कि नियंत्रित माहौल में उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है. ऐसे में आईसीसी हर समय मनोवैज्ञानिक की सेवायें देगी जिससे खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर उनसे सलाह ले सकें.’’ उन्होंने कहा,‘‘ टीमें अपनी मेडिकल टीम लेकर आयेंगी पर आईसीसी भी उन्हें अच्छे संसाधन मुहैया करोगी. उनके लिये चौबीसों घंटे पेशेवर सहयोग भी उपलब्ध रहेगा.’’

मार्शल ने कहा कि आईसीसी यह समझ है कि कुछ खिलाड़ी काफी समय से बायो बबल में रह रहे हैं और इस कारण तनाव में आ गये हैं. उन्होंने कहा,‘‘ हम बहुत कुछ कर रहे हैं. उन्हें मनोवैज्ञानिक सहयोग और संसाधन दे रहे हैं.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी टीमें जिम्मेदारी से रहेंगी और बायो बबल का उल्लंघन नहीं करेंगी. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना होती है तो टीम प्रबंधन को कार्रवाई करनी होगी. मार्शल ने कहा,‘‘ लोग नियमों का पालन करेंगे तो कोई परेशानी नहीं है पर अगर कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता है तो टीम प्रबंधन को कार्रवाई करनी होगी. हमें नहीं लगता कि ऐसी स्थिति आयेगी.’’उन्होंने कहा कि आईसीसी केवल करीबी परिजनों (पत्नी, बच्चे या साथी) को खिलाड़ियों के साथ सुरक्षित माहौल में रहने की अनुमति देगी.

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