
चंडीगढ़, 15 अगस्त . कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने Saturday को तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया और 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. इस दौरान, कांग्रेस सांसद ने Prime Minister Narendra Modi की नक्सलवाद और युवाओं को लेकर टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी.
Prime Minister Narendra Modi ने Saturday को लालकिले की प्राचीर से कहा कि जंगलों में हमें हथियारी नक्सलों का खात्मा बुलाने में उस संकट से देश को मुक्त कराने में सफलता मिली है. लेकिन हथियारी नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल, यह दिमागी नक्सल मौके की तलाश में है. हिंसा अराजकता के वो रास्ते खोज रहे हैं. समाज को गलत राह पर घसीटने के लिए भांति-भांति के दांव कर रहे हैं. इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा. इन दिमागी नक्सलियों को आइसोलेट करना होगा और राष्ट्र को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा.
इस पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने से बात करते हुए कहा, “हमारा संविधान इस बात का अधिकार देता है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन कर सकें और संगठित हो सकें. संविधान में यह कहीं नहीं लिखा है कि अगर विरोध प्रदर्शन करने के लिए संगठित होते हैं, उनके ऊपर लाठियां बरसाईं जाएं, पैलेट गन से मारा जाए. जो लोग ऐसी नसीहत दे रहे हैं कि मेरा आग्रह है कि वे India के संविधान को ठीक तरीके से पढ़ लें.”
Prime Minister Narendra Modi के देश के नाम संबोधित में महिला आरक्षण का जिक्र होने पर कांग्रेस सांसद ने कहा, “जहां तक महिला आरक्षण का सवाल है, सबसे पहले महिला आरक्षण के ऊपर पहल कांग्रेस ने की थी. हम निरंतर यह कहते आए हैं कि Lok Sabha में 543 सीटें हैं. उसमें से एक तिहाई महिला शक्ति को दे देनी चाहिए.”
मनीष तिवारी ने कहा, “परिसीमन के नाम पर या परिसीमन से जोड़कर महिला आरक्षण को भटकाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि महिला आरक्षण का कानून पारित हो चुका है. सिर्फ सुनिश्चित करना है कि वह 2029 में क्रियान्वित होगा या परिसीमन के साथ क्रियान्वित करना चाहते हैं.”
कांग्रेस सांसद ने कहा, “हमारी और अन्य विपक्षी दलों की यह मांग है कि 543 Lok Sabha सीटें और विधानसभा सीटों में से एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित कर देनी चाहिए. मैंने Lok Sabha में इस बात को जोर देकर कहा था.”
स्वतंत्रता दिवस को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “India के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मैं सभी 144 करोड़ भारतीयों को बहुत-बहुत मुबारकबाद देता हूं. यह आजादी हमारे उन पूर्वजों के बलिदान का प्रमाण है, जिन्होंने बहुत कष्ट सहे, लेकिन संघर्ष का रास्ता कभी नहीं छोड़ा. आज इस स्वतंत्रता को और सुदृढ़ करना हमारा कर्तव्य और हमारी जिम्मेदारी बनती है.”
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डीसीएच/
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