पिछले पांच सालों से मैंने एक भी एनईसी में भाग नहीं लिया – वरुण गांधी

नई दिल्‍ली . भाजपा सांसद (Member of parliament) वरुण गांधी – जिन्होंने यूपी के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के बारे में अपने तीखे आलोचनात्मक ट्वीट्स से सुर्खियां बटोरी थीं – ने बीजेपी की 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटाए जाने पर कहा कि पिछले पांच सालों से मैंने एक भी एनईसी में भाग नहीं लिया है, मुझे नहीं लगता कि मैं इसमें शामिल था.
भाजपा द्वारा आज सार्वजनिक की गई सूची में वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी का नाम नहीं था. उनके आलावा सुब्रमण्यम स्वामी दिवंगत और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र का नाम भी हटाया गया है.
कई केंद्रीय मंत्रियों और लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे दिग्गज नेताओं ने इस सूची में जगह बनाई है.
वरुण गांधी लखीमपुर खीरी मुद्दे पर बोलने वाले एकमात्र भाजपा नेता थे, जिसमें भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री के बेटे परहत्या (Murder) का आरोप लगाया गया है.

गांधी ने इस मुद्दे में न केवल “जवाबदेही” की मांग की, उन्होंने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्यनाथ को भी पत्र लिखकर केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने और मरने वाले किसानों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रूपये मुआवजे की मांग की.
उन्होंने एक वीडियो पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, “प्रदर्शनकारियों (Protesters) कोहत्या (Murder) के जरिए चुप नहीं कराया जा सकता. किसानों के निर्दोष खून के लिए जवाबदेही होनी चाहिए और अहंकार और क्रूरता का संदेश हर किसान के दिमाग में आने से पहले न्याय दिया जाना चाहिए.”

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