
कोलकाता, 25 मई . पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक और आरजी कर दुष्कर्म और हत्या पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ ने Monday को social media पर एक भावुक लेकिन अर्थपूर्ण पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह और पश्चिम बंगाल की पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी अब ‘समान रूप से सर्वहारा वर्ग’ की हैं.
उन्होंने यह पोस्ट Monday दोपहर को राज्य सचिवालय, नबन्ना की 14वीं मंजिल पर स्थित Chief Minister सुवेंदु अधिकारी के कक्ष में उनसे मुलाकात के तुरंत बाद किया.
देबनाथ ने अपने पोस्ट में लिखा कि आज मैं नबन्ना की 14वीं मंजिल पर Chief Minister से मिली. Chief Minister का नाम सुवेंदु अधिकारी है. ईमानदारी में बहुत शक्ति होती है. आपको बस धैर्यपूर्वक अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा. आज ममता बनर्जी और मैं समान रूप से मजदूर वर्ग की हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि वे खुद को और ममता बनर्जी को समान सर्वहारा वर्ग क्यों मानती हैं.
उनके अनुसार, वह उस दिन से सर्वहारा बन गईं जब उन्होंने अपनी बेटी को खो दिया. उनकी बेटी कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जूनियर डॉक्टर थीं और अगस्त 2024 में अस्पताल परिसर के भीतर ही एक जघन्य दुष्कर्म और हत्या का शिकार हो गईं.
दूसरी ओर, देबनाथ के अनुसार, ममता बनर्जी उस समय सच्ची सर्वहारा बन गईं जब हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में हार के बाद उन्हें और उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस को पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवानी पड़ी.
पीड़ित की मां ने social media पर लिखा कि मैंने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया, और मैंने मानवता के लिए काम करने का फैसला किया. और उसने नबन्ना की 14वीं मंजिल पर अपनी कुर्सी खो दी. देखते रहिए कि कैसे उन्हें और उनके आपराधिक गिरोह को सबसे बुरे अंजाम भुगतने पड़ते हैं. मैं डॉ. देबनाथ की गौरवान्वित मां हूं.
देबनाथ ने उत्तर 24 परगना के पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जहां उनका पैतृक निवास भी स्थित है.
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 28,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराकर वे निर्वाचित हुईं.
पश्चिम बंगाल के नौवें Chief Minister बनने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर से संबंधित फाइलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया था.
उन्होंने पूर्व कोलकाता Police आयुक्त विनीत कुमार गोयल और दो पूर्व उपायुक्त इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता सहित तीन भारतीय Police सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को निलंबित करने की भी घोषणा की थी.
Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने तीनों आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए थे.
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एमएस/
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