हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने पीएम मोदी के मॉर्फ्ड वीडियो के मामले में दर्ज की एफआईआर

हैदराबाद, 31 जुलाई . social media पर Prime Minister Narendra Modi को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक और मॉर्फ्ड कंटेंट के कथित प्रसार के संबंध में औपचारिक शिकायत मिलने के बाद हैदराबाद साइबर क्राइम Police ने First Information Report दर्ज की है.

भाजपा के एक social media पदाधिकारी साईकिरण गौड़ की पोस्ट के अनुसार, यह शिकायत भाजपा तेलंगाना राज्य social media संयोजक सुमिरन कवी के निर्देश पर दर्ज कराई गई थी. पार्टी सदस्यों अजय और अश्विन के साथ गौड़ ने साइबर क्राइम स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

शिकायत के अनुसार, साइबर क्राइम Police को 20 social media अकाउंट्स की जानकारी दी गई. आरोप लगाया गया कि कथित तौर पर ऐसा कंटेंट शेयर किया जा रहा है, जो India की संप्रभुता, अखंडता और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक है.

शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि मॉर्फ्ड वीडियो के मामले में जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही, मेटा के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई.

शिकायत में कहा गया, “हैदराबाद साइबर क्राइम Police पर पूरा भरोसा है और अनुरोध है कि देश के हितों की रक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून के अनुसार जरूरी कार्रवाई करें.”

इसके बाद Police ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत First Information Report दर्ज की गई. फिलहाल, अधिकारियों ने कथित तौर पर इस सामग्री को फैलाने में शामिल social media अकाउंट्स की जांच शुरू कर दी है.

इससे पहले, पीएम मोदी की फेसबुक पोस्ट पर अस्थाई रोक लगाने के लिए Government ने मेटा से विस्तृत जवाब मांगा है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को Government के सामने पेश होने के लिए कहा. यह बैठक अगले सात से 10 दिनों के बीच हो सकती है.

इस मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस.कृष्णन ने कहा कि Government मामले को पूरी तरह से समझने के लिए मेटा से नीतिगत स्तर और तकनीकी स्तर दोनों प्रकार का स्पष्टीकरण लेना चाहती है. उन्होंने कहा, “India अपनी चिंताएं सीधे मेटा तक पहुंचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी.”

डीसीएच/