
मुर्शिदाबाद, 13 जून . आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी भगदड़ को लेकर अपनी बात रखी.
उन्होंने Saturday को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि टीएमसी में आज भगदड़ की स्थिति बनी हुई है. टीएमसी के ज्यादातर नेता इधर से उधर जा रहे हैं. सभी नेता अपने लिए एक महफूज ठिकाने की तलाश कर रहे हैं. इनमे से कई नेता एक अलग संगठन के रूप में तब्दील होते हुए एनडीए में शामिल करने का विचार कर रहे हैं. लेकिन, हम इस बात को खारिज नहीं कर सकते हैं कि गत Lok Sabha चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने जब टीएमसी के पक्ष में मतदान किया था, तो यह मतदान एक तरह बीजेपी और एनडीए के विरोध में था. लेकिन, अब यहां पर विवेचना का विषय है कि आखिर ऐसी क्या वजह रही कि आज टीएमसी के लिए पश्चिम बंगाल में ऐसे हालात पैदा हो गए.
उनके मुताबिक, अब टीएमसी के जो लोग एनडीए में शामिल हो रहे हैं, वो अपने लिए सुविधाओं की तलाश कर रहे हैं. बहुत मुमकिन है कि उन्हें Government की ओर से विभिन्न प्रकार की सुख सुविधाएं मिलने का लालच दिया जा रहा है, इसी को देखते हुए ये लोग एनडीए में शामिल होने का विचार कर रहे हैं और मुझे लगता है कि आगामी दिनों में टीएमसी के कई लोग एनडीए में शामिल हो सकते हैं.
साथ ही, उन्होंने आगामी Lok Sabha चुनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अभी दो साल पहले ही 2024 में Lok Sabha का चुनाव हुआ था. हम सभी ने खुद देखा कि क्या स्थिति रही है. अब आगामी Lok Sabha चुनाव में क्या स्थिति रहती है, इसकी तस्वीर तो फिलहाल आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगी.
इसके अलावा, व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने भी सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अभिषेक बनर्जी ने कई तरह के ऐसे अशोभनीय बयान दिए थे, जो किसी सांसद के मुंह से शोभा नहीं देते हैं. जब आप किसी बड़े पद होते हैं या आपके कांधों पर कोई बड़ी जिम्मेदारी होती है, तो आपको बहुत ही सोच समझकर अपने शब्दों का चयन करना होता है. लेकिन, अभिषेक बनर्जी ने इस तरह के कई ऐसे बयान दिए, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इसके बाद मैंने सिलीगुडी थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंचा, तो मुझे साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है. इसके बाद अभिषेक बनर्जी के तमाम वीडियो एकत्रित कर उनके खिलाफ साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने के बारे में विचार किया.
व्यवसायी संजय कुमार सिंघल ने बताया कि 2021 में विधानसभा चुनाव के बाद हमें भयावह हिंसा के दौर से गुजरना पड़ा था. अगर इस बार भी हमें हिंसा का सामना करना पड़ता, तो स्थिति कैसी होती है. यह विवेचना का विषय है. आपके पास कानून है, अगर कोई गलत करता है, तो कानून के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इन्हीं सब स्थिति को देखते हुए मैंने बीएनएस की धार और आरपी एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराई है. मैंने इंस्पेक्टर से अनुरोध किया है कि इसकी जांच की जाए. इसके बाद इसे न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाए. इसके बाद न्यायालय की ओर से जो भी फैसला आएगा, वो हमें स्वीकार होगा. मैं हमेशा से ही यह सुनता हुआ रहा हूं कि कानून सबके लिए बराबर होता है. अब मैं खुद अपने व्यवहारिक जीवन में जानना चाहता हूं कि कानून वाकई में कितना किसी के लिए बराबर होता है.
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एसएचके/पीएम
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