ख्वाजा आसिफ के ‘असली कश्मीरी नहीं’ वाले बयान पर बवाल, मानवाधिकार परिषद ने जताई नाराजगी

इस्लामाबाद, 27 जून . Pakistan के मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने Saturday को Pakistan के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें उन्होंने Pakistan कब्‍जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलाकोट और मीरपुर के लोगों की कश्मीरी पहचान पर सवाल उठाया था.

यह विवाद तब शुरू हुआ जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान कहा कि रावलाकोट और मीरपुर के रहने वाले लोग ‘असल कश्मीरी नहीं हैं.’

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मानवाधिकार परिषद ने कहा कि सरकारी पदों पर बैठे लोगों को ऐसे संवेदनशील मामलों में पूरी जिम्मेदारी, सावधानी और सम्मान के साथ बोलना चाहिए.

परिषद ने Pakistan Government से मांग की कि वह इस मामले पर उचित सफाई दे और यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में इस तरह के बयान दोबारा न दिए जाएं.

उधर, पीओके के नेता फैसल मुमताज राठौर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर रक्षा मंत्री पर तीखा हमला किया. उन्होंने लिखा, “जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान के लिए Pakistan के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ या किसी और से प्रमाण की जरूरत नहीं है. उनके जैसे पुराने सोच वाले नेता लोगों को करीब लाने के बजाय समाज में विभाजन पैदा कर रहे हैं.”

राठौर ने कहा कि अपने इस गलत बयान पर लोगों की नाराजगी देखने के बाद अब रक्षा मंत्री पीओके की प्रशासनिक व्यवस्था में कमियां निकालकर बात को घुमाने की कोशिश कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, “सर, अपने वरिष्ठ अधिकारियों से पूछिए, वे आपको बताएंगे कि हमने शासन कितना अच्छी तरह चलाया है. बेहतर होता कि आप अपने मूल बयान के लिए माफी मांगते, बजाय इसके कि शासन को दोष देकर बात टालने की कोशिश करते.”

यह पूरा विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पीओके में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं. इन प्रदर्शनों के दौरान Pakistanी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई निर्दोष नागरिकों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं.

कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दुनिया भर में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने इन मौतों की निंदा की है. उन्होंने पीओके में Pakistanी अधिकारियों पर लगाए जा रहे मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और ध्यान देने की मांग की है.

इस सप्ताह की शुरुआत में ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी प्रवासियों ने लंदन में ब्रिटिश संसद के बाहर प्रदर्शन किया. इसके बाद वे 10 डाउनिंग स्ट्रीट, जो ब्रिटेन के Prime Minister का आधिकारिक निवास है, तक मार्च करते हुए गए. प्रदर्शनकारियों ने पीओके में कथित खाद्य आपूर्ति रोकने और नागरिकों की मौतों के खिलाफ आवाज उठाई.

प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ब्रिटेन Government से अपील की कि वह पीओके में कथित गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के मामले में हस्तक्षेप करे.

सभा को संबोधित करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि Pakistanी अधिकारियों की ओर से लगाए गए कथित प्रतिबंधों के कारण कई इलाकों में खाने-पीने का सामान और दवाइयां नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा, “लोग भूख से मर रहे हैं. कई लोग अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ रहे हैं. यह बिल्कुल स्वीकार नहीं किया जा सकता. ब्रिटेन में 10 लाख से ज्यादा कश्मीरी रहते हैं. ऐसे में आपकी भी जिम्मेदारी बनती है. इंसानियत के लिए आपको दखल देना चाहिए.”

उन्होंने ब्रिटेन Government से Pakistan के अधिकारियों से बात कर इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की.

एवाई/डीकेपी