रंगीन मछली पालन  क्षेत्र मे उद्यमिता की विपुल संभावना – डॉ एस के शर्मा

उदयपुर (Udaipur). महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रोध्योगिकी विश्व विद्यालय के एक्वाकल्चर अनुसंधान व बीज उत्पादन इकाई मे राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पांच दिवसीय रंगीन मछली उत्पादन के द्वारा उद्यमिता विकास विषय पर प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ.  उक्त प्रशिक्षण का आयोजन देश की आजादी का अमृत महोत्सव की श्रृंखला में किया जा रहा है.

उद्घाटन समारोह में  रंगीन मछली प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अतुल कुमार जैन ने रंगीन मछली पालन के वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए बताया कि इस व्यवसाय में सर्वाधिक वृद्धि 10% है जो किसी अन्य क्षेत्रों में नहीं है. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, निदेशक अनुसंधान डॉ एस. के. शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों मे  कौशल विकास की महत्ता पर प्रकाश डाला तथा कौशल के द्वारा उद्यमिता विकसित करने पर बल दिया. उन्होंने बताया कि रंगीन मछली पालन एक तेजी से उभरता हुआ व्यवसास है और इस क्षेत्र मे उद्यमिता की विपुल संभावना है.

कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ बीके शर्मा, अधिष्ठाता मतस्यकी महाविद्यालय ने प्रशिक्षणार्थियों को रंगीन मछली पालन के विविध आयामों पर प्रायोगिक ज्ञान प्राप्त करने की सलाह दी.  दक्षिणी राजस्थान (Rajasthan) में स्थानीय रंगीन मछलियों द्वारा उद्यमिता विकास परियोजना के समन्वयक डॉ. एम एल ओझा ने रंगीन मछली पालन द्वारा उद्यमिता विकास के बारे मे जानकारी दी. प्रशिक्षण के दूसरे दिन डॉक्टर (doctor) सुबोध शर्मा प्राचार्य मतस्यकी महाविद्यालय ने मछली पालन में जीवित पोषाहार के महत्व वह उन्हें तैयार करने की विधियों पर विस्तृत व्याख्यान दिया.

डॉ ओझा ने बताया कि इस प्रशिक्षण मे 25 महिला व पुरुष प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे है जिन्हे प्रायोगिक प्रशिक्षण के साथ ही रंगीन मछली एवं एक्वेरियम व्यवसाय प्रक्षेत्र का शैक्षणिक भ्रमण भी करवाया जायेगा. कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद डॉ एम एल ओझा ने किया. आयोजन मे इकाई के अनुसंधान अध्येता सु स्वाति जगावत और कन्हैया लाल मीणा का सहयोग रहा.

Check Also

सीएम गहलोत के खिलाफ केंद्रीय मंत्री का अमर्यादित बयान, कांग्रेस नेताओं ने की बयान की निंदा

जयपुर (jaipur) . कांग्रेस नेताओं ने राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री (Chief Minister) अशोक गहलोत (Ashok …