
Mumbai , 13 जून . के.ई.एम. अस्पताल प्रशासन ने एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा सेजल पवार के विवादित वीडियो को लेकर जारी विवाद पर कहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है. विस्तृत जांच पूरी होने तक छात्रा को 15 दिनों के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है.
अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया कि एक कॉमेडी कार्यक्रम के दौरान सेजल पवार द्वारा की गई टिप्पणियों और उससे जुड़े वीडियो के social media पर वायरल होने के बाद लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है.
शिकायत मिलने के तुरंत बाद संस्थान ने प्रारंभिक तथ्य जांच प्रक्रिया शुरू की. इस दौरान संबंधित छात्रा को बुलाकर उसका स्पष्टीकरण और माफीनामा दर्ज किया गया तथा वायरल वीडियो और अन्य संबंधित सामग्री की समीक्षा की गई.
प्रारंभिक जांच, मामले की संवेदनशीलता तथा मृत व्यक्तियों, देहदान करने वालों और चिकित्सा शिक्षा की गरिमा को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने सेजल पवार के खिलाफ अंतरिम अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की है.
इसके तहत सेजल पवार को 13 जून से प्रभावी 15 दिनों के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है. यह आदेश विस्तृत जांच पूरी होने और आगे के निर्देश जारी होने तक प्रभावी रहेगा. Saturday सुबह 10:30 बजे उन्हें इस अवधि के लिए उनके माता-पिता एवं अभिभावकों की निगरानी में सौंप दिया गया.
अस्पताल प्रशासन ने सेजल पवार को संस्थागत जांच में पूर्ण सहयोग करने और जांच समिति द्वारा बुलाए जाने पर व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया है.
संस्थान ने मामले की विस्तृत जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव भी भेजा है. इस समिति में वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, एक बाहरी सदस्य तथा संस्थान के अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे. समिति मामले के तथ्यों, परिस्थितियों, प्रभाव और social media पर वीडियो के प्रसार सहित सभी पहलुओं की जांच कर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी.
के.ई.एम. अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि मरीजों, मृत व्यक्तियों, देहदान करने वालों और उनके परिजनों के प्रति सम्मान चिकित्सा शिक्षा का मूल मूल्य है. इसलिए इस पूरे मामले को गंभीरता, संवेदनशीलता और निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत संभाला जाएगा.
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), Maharashtra स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयूएचएस), बृहन्Mumbai महानगरपालिका (बीएमसी) तथा संस्थान के नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
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डीएससी
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