
New Delhi, 10 अगस्त . कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को संसद घेराव के दौरान दिल्ली Police के जवानों द्वारा छात्रों पर की गई बर्बरता पर स्पष्टीकरण मांगी. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को जवाब देना ही होगा. वह बताएं कि किसके आदेश पर दिल्ली Police ने छात्रों पर बल प्रयोग किया.
प्रेस वार्ता के दौरान खड़गे ने Monday को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों और युवाओं पर की गई बर्बरता पर जवाब दें क्योंकि दिल्ली में उन पर लाठीचार्ज हुआ और आंसू गैस के गोले छोड़े गए. साथ ही, पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक बैटन का भी इस्तेमाल किया गया. छात्रों और युवाओं के साथ क्रूरता की गई लेकिन अमित शाह ने सदन में अब तक जवाब नहीं दिया जबकि विपक्ष के लोग लगातार मांग उठा रहे हैं.
खड़गे ने कहा कि हमारी पहली मांग है कि केंद्रीय गृह मंत्री आकर बताएं कि छात्रों पर पैलेट गन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल क्यों किया गया. दूसरी मांग यह है कि ट्रस्टियों ने राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की, ऐसे में Prime Minister मोदी खुद इस बारे में जानकारी दें. अब तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ है. Prime Minister और गृह मंत्री ने पिछले 15 दिनों में इन मुद्दों पर कुछ नहीं कहा है जबकि हम सभी इन मुद्दों पर लड़ाई लड़ रहे हैं.
उन्होंने कहा कि विपक्ष मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, छात्रों पर दिल्ली Police की बर्बरता पर चर्चा चाहता है. हालांकि, Government ने पिछले 14-15 दिनों से इस विषय पर कुछ नहीं कहा है. इसका अर्थ है कि वे नहीं चाहते हैं कि इन मुद्दों पर चर्चा हो. हम Government पर दबाव बनाते रहे लेकिन गृह मंत्री सदन में बयान देने नहीं आए.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि Prime Minister मोदी ने राम मंदिर के ट्रस्ट की स्थापना की, उन्होंने ट्रस्ट के सदस्य चुने और ट्रस्ट को चलाने की प्रक्रिया भी बताई. राम मंदिर चढ़ावा चोरी में जो लोग भी शामिल हैं, उन लोगों को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए. विपक्ष की ओर से लंबे समय से की जा रही इस मांग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों ने ही ‘चढ़ावा चोरी’ को अंजाम दिया है. देश चाहता है कि Prime Minister ‘चढ़ावा चोरी’ पर खुलासा कर, दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें लेकिन पीएम मोदी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. यह पहली बार है कि ऐसे विषय पर Prime Minister और केंद्रीय गृह मंत्री ने चुप्पी साधी हुई है. हम इन तीनों विषयों पर लड़ रहे हैं. खासकर राहुल गांधी ने इन सभी मुद्दों पर हर जगह पहुंचकर अपना वक्तव्य दिया और वे इन विषयों को पहले से उठाते आए हैं.
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डीकेएम/पीएम
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