सदन में गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने को तैयार, फिर चर्चा से क्यों भाग रहा विपक्ष: आरपी सिंह

New Delhi, 11 अगस्त . Jharkhand में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन, कथित लाठीचार्ज, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को Union Minister किरेन रिजिजू की चुनौती, लाल किले पर पहली बार ‘वंदे मातरम’ के गायन कार्यक्रम पर सपा नेता रामजीलाल सुमन की टिप्पणी, Prime Minister Narendra Modi की ‘हर घर तिरंगा’ अपील और संसद में जारी हंगामे को लेकर भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पार्टी का पक्ष रखते हुए कांग्रेस और Jharkhand की हेमंत सोरेन Government को निशाने पर लिया.

राहुल गांधी को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की चुनौती के सवाल पर आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी में संसद में मुद्दों का सामना करने की हिम्मत नहीं है और वह सदन से भाग रहे हैं. उन्होंने कहा कि किरेन रिजिजू ने यह स्पष्ट किया है कि देश के गृह मंत्री संसद में पूछे गए सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं. लेकिन, राहुल गांधी संसद में चर्चा से बच रहे हैं. जब Government की ओर से गृह मंत्री के सदन में जवाब देने की बात स्पष्ट रूप से कही जा रही है, तब विपक्ष को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि ‘जब शेर दहाड़ता है तो गीदड़ भागते हैं’ और राहुल गांधी की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है. राहुल गांधी संसदीय लोकतंत्र की भावना में विश्वास नहीं करते और संसद में मुद्दों का सामना करने के बजाय उससे बचने की कोशिश कर रहे हैं.

Jharkhand में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच Chief Minister हेमंत सोरेन की टिप्पणियों पर आरपी सिंह ने राज्य Government पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि Jharkhand में छात्रों के बीच नौकरी और भर्ती से जुड़े मुद्दों को लेकर असंतोष है और Government को इन सवालों का जवाब देना चाहिए. राज्य में एक-एक नौकरी के लिए 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक दिए जाने की बातें सामने आ रही हैं और Government इन आरोपों का जवाब नहीं दे रही है. छात्र आंदोलन कर रहे हैं और सीबीआई जांच की मांग उठा रहे हैं, लेकिन Government इस मांग से बच रही है. हेमंत सोरेन आप अपना प्रदेश संभालिए, देश को मोदी जी संभाल लेंगे.

Jharkhand में छात्रों के आंदोलन के बाद भाजपा की ओर से बंद के आह्वान पर आरपी सिंह ने कहा कि छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया था, लेकिन उनके साथ कथित तौर पर बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया. प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा के लिए ऐसे कंटीले तार लगाए गए थे, जैसे भारत-Pakistan सीमा पर लगाए जाते हैं. छात्रों ने इन अवरोधों को पार किया, लेकिन बाद में छात्र नेताओं की अपील पर शाम करीब सात बजे वापस लौट आए. इसके बाद दोबारा लाइट बंद कर छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया.

उन्होंने कांग्रेस नेता और राज्य के मंत्री अंसारी के उस कथित बयान का भी जिक्र किया, जिसमें लाठीचार्ज से इनकार किया गया था. आरपी सिंह ने कहा कि विभिन्न टीवी चैनलों पर छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की तस्वीरें सामने आईं और इसके बावजूद Government की ओर से लाठीचार्ज से इनकार किया जा रहा है. हेमंत सोरेन Government ने इस मामले में सभी हदें पार कर दी हैं.

वंदे मातरम को लेकर Samajwadi Party नेता रामजीलाल सुमन के बयान पर भी आरपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा हुआ गीत है और आजादी की लड़ाई में इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है. जिस दौर में देश आजादी के लिए संघर्ष कर रहा था, उस समय अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने बलिदान दिया. कई लोगों ने फांसी के फंदे को चूमा और अनेक क्रांतिकारियों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राण न्योछावर किए. उन्होंने रामजीलाल सुमन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन और उस दौर के बलिदान का महत्व समझना चाहिए.

Prime Minister Narendra Modi की 15 अगस्त तक हर घर में तिरंगा फहराने की अपील पर आरपी सिंह ने कहा कि यह अभियान भाजपा की पहल है, जिसे India Government का भी समर्थन मिल रहा है. देशभर में लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं और 15 अगस्त के अवसर पर घर-घर तिरंगा फहराने की भावना को व्यापक समर्थन मिल रहा है. यह राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता से जुड़ा अभियान है. देश के नागरिकों को इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए. हर घर तिरंगा अभियान के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में तिरंगे के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.

संसद में जारी हंगामे को लेकर बसपा प्रमुख मायावती के बयान पर आरपी सिंह ने कहा कि मायावती की टिप्पणी कांग्रेस पर ज्यादा लागू होती है. उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार संसद में सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है. Government की ओर से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि वह हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है. ऐसे में विपक्ष को भी संसद की कार्यवाही को बाधित करने के बजाय चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए. संसद लोकतांत्रिक संवाद का मंच है और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर बहस होनी चाहिए. उनकी पार्टी किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है.

/डीकेपी