हॉकी जर्सी विवाद: भाजपा बोली रंग बदलना सरकार का अधिकार, विपक्ष ने राजनीति करने का लगाया आरोप

New Delhi, 30 जुलाई . भारतीय हॉकी टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह भगवा रंग की जर्सी लाए जाने की खबर के बाद Political गलियारों में बहस तेज हो गई है. भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान विरेन रस्किन्हा ने इस बदलाव पर चिंता जताई है. वहीं भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने इसे सामान्य बदलाव बताते हुए इसका समर्थन किया है. दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस फैसले को प्रतीकों और पहचान से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं.

BJP MP जगन्नाथ Government ने कहा कि Government को रंग बदलने का फैसला लेने का अधिकार है. क्या हुआ अगर रंग बदल दिया गया? सत्ता में आने के बाद वे जो चाहें, कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद थे और जिस विषय पर जवाब देना था, उसका उत्तर पहले से तय व्यवस्था के तहत Union Minister जितेंद्र सिंह ने दिया.

केसरिया को लेकर उठ रहे विवाद पर उन्होंने कहा, “यह सब छोटी मानसिकता का परिचायक है. अगर भगवा रंग की जर्सी हो गई, तो इसमें क्या दिक्कत है?”

उत्तर प्रदेश Government में मंत्री संजय निषाद ने भी केसरिया रंग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि India क्रांतिकारियों की धरती है और केसरिया रंग देश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. उनके मुताबिक इस रंग पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए.

वहीं, Samajwadi Party के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने इस प्रस्तावित बदलाव पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि लंबे समय से भारतीय खेल टीमों, खासकर क्रिकेट और हॉकी में नीला रंग देश की पहचान बन चुका है.

उन्होंने कहा कि जब भी भारतीय टीम किसी बड़े टूर्नामेंट में उतरती है तो “ब्लीड ब्लू” का नारा लगाया जाता है. उनके अनुसार नीला रंग एक तटस्थ और प्रेरणादायक रंग रहा है तथा इस तरह का बदलाव अनावश्यक विवाद पैदा कर सकता है. Government को जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और रंगों तथा प्रतीकों को Political नजरिए से देखने से बचना चाहिए.

Samajwadi Party के नेता उदयवीर सिंह ने भी कहा कि जिस जर्सी को पहनकर भारतीय टीम वर्षों तक खेलती रही है, उससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का भावनात्मक जुड़ाव होना स्वाभाविक है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव के पीछे की वास्तविक वजह हॉकी इंडिया फेडरेशन ही स्पष्ट कर सकता है.

Samajwadi Party के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने इसे केवल खेल का मुद्दा न बताते हुए Political दृष्टिकोण से देखा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने काम के बजाय प्रतीकों और पहचान से जुड़े मुद्दों को सामने लाकर राजनीति करती है और ऐसे फैसलों के जरिए लोगों का ध्यान दूसरे मुद्दों से हटाने की कोशिश करती है.

इस पूरे विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने कहा कि जर्सी का रंग चाहे नारंगी हो, हरा हो या कोई अन्य, असली महत्व खिलाड़ियों के प्रदर्शन का होता है. उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खिलाड़ी लंबे समय तक सफेद कपड़ों में खेलते रहे हैं और सफलता कभी कपड़ों के रंग से नहीं, बल्कि मैदान पर किए गए प्रदर्शन से तय होती है.