
कोलकाता, 5 जुलाई . पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने social media प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए उत्तर बंगाल के चाय बागान श्रमिकों के समग्र विकास के लिए Government की प्रतिबद्धता को दोहराया है.
पश्चिम बंगाल के Chief Minister सुवेंदु अधिकारी ने पोस्ट में लिखा कि राज्य Government चाय बागान क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने, शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में राज्य स्तरीय समिति ने ‘Prime Minister चाय श्रमिक प्रोत्साहन योजना’ के कार्यान्वयन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया है. इस योजना के लिए कुल 313.30 करोड़ रुपए का वित्तीय आवंटन किया गया है. इस राशि के माध्यम से चाय श्रमिकों और उनके परिवारों के जीवन में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बदलाव लाने का लक्ष्य रखा गया है.
इस योजना के तहत तीन प्रमुख उप-योजनाएं शामिल हैं. पहली है ‘चाय श्रमिक शिक्षा योजना’ जिसके लिए 177 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. इसका उद्देश्य चाय बागान क्षेत्रों में शैक्षिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य के अवसर मिल सकें.
दूसरी योजना ‘चाय श्रमिक स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ है, जिसके तहत 72 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा. इस योजना का लक्ष्य चाय बागान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाना है, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध हो सके.
तीसरी योजना ‘चाय श्रमिक आश्रय योजना’ के अंतर्गत 321 विश्राम गृहों या रेस्टिंग शेड का निर्माण किया जाएगा. इनमें पहाड़ी क्षेत्रों में 88 और समतल इलाकों में 233 विश्राम गृह शामिल हैं. इन सुविधाओं में ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा, स्वच्छ पेयजल, आरामदायक बैठने की व्यवस्था और आधुनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इस योजना के लिए 63 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल विकास विभाग को इस पूरी परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह विभाग स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन और जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करेगा.
अधिकारी ने कहा कि Government का उद्देश्य चाय बागान श्रमिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानजनक बनाना है, ताकि उनका सामाजिक और आर्थिक विकास सुनिश्चित किया जा सके.
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डीकेपी
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