ग्रामीण राजस्थान से Global Career तक युवाओं को नई पहचान दे रहा हिंदुस्तान जिंक का ‘Zinc Kaushal’ कार्यक्रम

10 हजार से अधिक युवाओं को मिला कौशल प्रशिक्षण और रोजगार का अवसर, 45% महिला भागीदारी

राजस्थान और उत्तराखंड में 26 करोड़ रुपये की Skill Development पहल से हजारों परिवारों की आजीविका मजबूत

उदयपुर। उदयपुर के निकट स्थित छोटे से गांव भामनिया खेत की रहने वाली दीपिका की सफलता की कहानी मेहनत, अवसर और बदलाव की मिसाल है। सीमित संसाधनों और कम अवसरों के बीच दीपिका ने हिंदुस्तान जिंक के ‘Zinc Kaushal’ कार्यक्रम के तहत Food & Beverage Services का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण ने उनके जीवन की दिशा बदल दी और आज वे स्पेन की Marella Cruises में कार्यरत हैं। इस अवसर ने उन्हें न केवल रोजगार प्रदान किया बल्कि बड़े सपने देखने का आत्मविश्वास भी दिया।

दीपिका की कहानी अकेली नहीं है। यह उन हजारों ग्रामीण और जनजातीय युवाओं की कहानी है, जिनके जीवन में हिंदुस्तान जिंक के प्रमुख Skill Development एवं Livelihood Program ‘Zinc Kaushal’ ने सकारात्मक बदलाव लाया है। वर्ष 2019 में शुरू हुए इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक राजस्थान और उत्तराखंड के 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। 26 करोड़ रुपये के निवेश से संचालित इस पहल में महिलाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी गई है और अब तक प्रशिक्षित युवाओं में 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में कार्यक्रम के तहत 2,600 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 420 युवाओं को NABARD, JK Cement, Yes Foundation और Bajaj Finserv जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से प्रशिक्षित किया गया। इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि विशेष रूप से दिव्यांग युवाओं के लिए संचालित बैच रही, जिसमें मूक-बधिर प्रशिक्षुओं को 100 प्रतिशत रोजगार प्राप्त हुआ। इन युवाओं को Taj Fateh Prakash, Radisson Blu और The Fern Residency जैसे प्रतिष्ठित होटल समूहों में नियुक्ति मिली।

83 प्रतिशत Placement Rate और प्रशिक्षण के बाद औसतन 16 प्रतिशत Salary Growth के साथ ‘Zinc Kaushal’ केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर भी बना रहा है। कार्यक्रम के पूर्व प्रशिक्षु आज Tata Consultancy Services (TCS), Foxconn, Honda, Marella Cruises और GMR Group जैसी प्रमुख कंपनियों में कार्यरत हैं।

उदयपुर के वासिफ की कहानी भी प्रेरणादायक है। जन्म से मूक-बधिर वासिफ ने ‘Zinc Kaushal’ के Hospitality Training Program से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत Ramada Hotel से की थी। आज वे Taj Aravali में Guest Service Associate के रूप में कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे अन्य श्रवण बाधित युवाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।

‘Zinc Kaushal’ का दायरा केवल रोजगार तक सीमित नहीं है। Smart Policing Initiative के तहत उदयपुर पुलिस विभाग के सहयोग से यह कार्यक्रम युवाओं को प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है। यह समुदाय के प्रति जिम्मेदारी और प्रभावी साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

Ambuja Foundation और Tata STRIVE के सहयोग से संचालित यह कार्यक्रम राजस्थान के देबारी, दरीबा, जावर, चित्तौड़गढ़, आगूचा और कायड़ स्थित Skill Centres के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इससे पहले उत्तराखंड के पंतनगर में भी इसका सफल संचालन किया जा चुका है। युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन में उत्कृष्ट योगदान के लिए इस कार्यक्रम को राजस्थान सरकार द्वारा चार जिला स्तरीय पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं।

‘Zinc Kaushal’ हिंदुस्तान जिंक की उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार और समान अवसरों के जरिए समुदायों को सशक्त बनाया जा रहा है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर दीपिका और वासिफ जैसी सफलता की कहानियां यह साबित करती हैं कि सही अवसर, कौशल प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर युवा न केवल अपना भविष्य बदल सकते हैं, बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।