
चंडीगढ़, 12 अगस्त . पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट ने पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है. पेपर लीक के आरोपों को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर केशव कंबोज और अन्य याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका पर पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा लगा दी है.
इस मामले को लेकर अब भाजपा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी Government पर निशाना साधा. भाजपा के social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया गया, जिसमें लिखा गया कि ‘आप’ का सबसे बड़ा झूठ आज अदालत की मुहर के साथ बेनकाब हो गया. लंबे समय तक आम आदमी पार्टी दावा करती रही कि पंजाब में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, लेकिन आज हाई कोर्ट ने फार्मेसी परीक्षा घोटाले को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इस दावे की पोल खोल दी है.
भाजपा ने आगे लिखा कि भगवंत मान Government की ‘पारदर्शी भर्ती’ की कहानी अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है. एक तरफ छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया तो दूसरी तरफ ‘आप’ नेता झूठे दावे करते रहे. अब बहुत हो चुका. अब न इनकार चलेगा, न नाटक. पंजाब के युवाओं को झूठ नहीं, न्याय चाहिए.
वहीं, पंजाब भाजपा की तरफ से कहा गया कि पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है, जिससे पेपर लीक मामले पर न्यायिक मुहर लग गई है. अब आम आदमी पार्टी क्या प्रतिक्रिया देगी? क्या वे अब भी पेपर लीक से इनकार करेंगे, या कोर्ट के रिकॉर्ड देखने के बाद झूठे दावे करना बंद कर देंगे?
भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी पंजाब Government पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा कि ‘आप’ का सबसे पसंदीदा बचाव हमेशा यही रहा है: “पंजाब में कोई पेपर लीक नहीं हुआ.” अब पंजाब एवं Haryana हाई कोर्ट ने पेपर लीक मामले पर न्यायिक मुहर लगाते हुए फार्मेसी ऑफिसर भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. तो आप, क्या अब भी आप पेपर लीक होने से इनकार करेंगे? या फिर अदालत के रिकॉर्ड के बाद यह दिखावा बंद करेंगे कि कुछ हुआ ही नहीं?
उन्होंने आगे लिखा कि सीजेपी, दिपके और उनकी टीम कहां है? वही लोग जो खुद को ‘छात्रों की आवाज’ बताते हैं और भाजपा पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते. पंजाब के मामले में उनकी आवाज क्यों नहीं सुनाई दे रही? यह चुप्पी क्यों है? जवाब साफ है. उनका गुस्सा छात्रों के लिए नहीं, बल्कि राजनीति के लिए है.
अमित मालवीय ने आगे लिखा कि जब मामला भाजपा शासित राज्यों का होता है तो वे आंदोलन की अगली कतार में दिखाई देते हैं, लेकिन जब विवाद ‘आप’ शासित पंजाब में सामने आता है तो वे अचानक गायब हो जाते हैं. सीजेपी, दिपके और उनकी टीम पंजाब में इंतजार कर रहे हैं. आप लोग कहां हैं?
–
एएमटी/डीकेपी
Skip to content