जेपीएससी नियुक्तियां रद्द करने के सरकारी आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत

रांची, 20 अगस्त . Jharkhand में जेपीएससी की भर्ती परीक्षाओं के जरिए की गई नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य Government के फैसले पर Jharkhand हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है.

Thursday को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा से संबंधित नियुक्तियां रद्द करने के Government के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी. अदालत ने राज्य Government और Jharkhand लोक सेवा आयोग से जवाब भी मांगा है.

इस मामले में सफल और चयनित अभ्यर्थियों की ओर से दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई हुई. प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अधिवक्ता अमृतांश वत्स और अधिवक्ता पीएएस पति ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा. दो अलग-अलग याचिकाओं में दीपमाला एवं अन्य तथा सोनम कुमारी ने जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के विज्ञापन संख्या 01/2024 को रद्द करने के Government के फैसले को चुनौती दी है.

वहीं, सौरव सिंह एवं अन्य की ओर से फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द किए जाने के खिलाफ याचिका दाखिल की गई है. इन परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी थी और कई अभ्यर्थी सेवा में योगदान देने के साथ प्रशिक्षण भी पूरा कर चुके हैं.

सोनम कुमारी ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने Jharkhand में नियुक्ति के लिए दूसरी जगह की नौकरी छोड़ी थी. उन्हें 24 नवंबर 2025 को नियुक्ति पत्र मिला था और उन्होंने प्रशिक्षण भी पूरा किया. इसके बाद 18 अगस्त को राज्य Government की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से परीक्षा और नियुक्ति रद्द कर दी गई. याचिका में Government के इस आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया गया है.

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. लेकिन, बिना व्यक्तिगत जांच और सुनवाई के उन अभ्यर्थियों की नियुक्ति रद्द करना उचित नहीं है, जिन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परीक्षा दी और मेरिट के आधार पर चयनित हुए हैं. प्रार्थियों ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का भी हवाला दिया.

गौरतलब है कि राज्य Government ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सीआईडी जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर 18 अगस्त की देर रात कई परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था. Government ने टीडीपीएल से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने के साथ वर्ष 2014 के बाद आयोजित विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच का भी आदेश दिया है.

इसके बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से अधिसूचनाएं जारी कर 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 अन्य परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की जानकारी दी गई थी.

Government के इस फैसले के खिलाफ चयनित और नियुक्त अभ्यर्थियों ने आंदोलन भी शुरू कर दिया है. अब हाईकोर्ट द्वारा नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद मामला और महत्वपूर्ण हो गया है. अदालत के अगले आदेश तक संबंधित नियुक्तियों पर Government के फैसले का प्रभाव नहीं पड़ेगा. राज्य Government और जेपीएससी के जवाब के बाद मामले की आगे की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस पूरे विवाद पर किस दिशा में आगे बढ़ती है.

एसएनसी/एबीएम