
Mumbai , 29 मई . Bollywood की दिग्गज Actress पद्मिनी कोल्हापुरे ने से बात करते हुए हिंदी सिनेमा की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी को लेकर कई खास बातें साझा कीं. उन्होंने हेमा मालिनी के साथ अपनी पुरानी यादों को ताजा किया और कहा कि उनके साथ काम करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा है. उन्होंने हेमा मालिनी की खूबसूरती, अभिनय और उनके लंबे फिल्मी सफर की जमकर तारीफ की.
को दिए इंटरव्यू में पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा, “मेरी हेमा मालिनी के साथ कई खूबसूरत यादें जुड़ी हुई हैं. मैंने फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ में हेमा मालिनी के साथ काम किया था. उस समय मैं काफी छोटी थी और शायद 16 या 17 साल की रही होंगी. इसी फिल्म के बाद हेमा मालिनी को ‘ड्रीम गर्ल’ का टैग मिला और फिर पूरी फिल्म इंडस्ट्री में वह इसी नाम से मशहूर हो गईं.”
उन्होंने कहा, ”हेमा मालिनी की खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस इतनी खास थी कि लोग उन्हें देखते ही रह जाते थे. बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं, जिनमें अभिनय, व्यक्तित्व और सुंदरता का ऐसा मेल देखने को मिलता है.”
पद्मिनी ने आगे कहा, “फिल्मों के बाद हेमा मालिनी अब राजनीति में सक्रिय हैं और लोगों की आवाज उठाने का काम कर रही हैं. इतने लंबे समय तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखना आसान नहीं होता, और हेमा मालिनी ने यह मुकाम अपनी मेहनत और प्रतिभा से हासिल किया है.”
अगर ‘ड्रीम गर्ल’ की बात करें तो यह फिल्म साल 1977 में रिलीज हुई थी और इसका निर्देशन मशहूर फिल्ममेकर प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था. फिल्म में हेमा मालिनी ने एक नहीं, बल्कि कई अलग-अलग किरदार निभाए थे. वह कभी सपना बनीं, कभी पद्मा, कभी चंपाबाई और कभी राजकुमारी के रूप में नजर आईं. फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो अनाथ बच्चों की मदद करने के लिए अलग-अलग रूप बदलती है. इस फिल्म में हेमा मालिनी का अभिनय काफी पसंद किया गया था और यहीं से उन्हें ‘ड्रीम गर्ल’ के नाम से पहचान मिलने लगी.
इस फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे भी नजर आई थीं. उस समय वह बाल कलाकार के रूप में काम कर रही थीं. भले ही उनका रोल छोटा था, लेकिन उन्होंने अपनी मासूमियत और अभिनय से लोगों का ध्यान खींचा. यही वह दौर था जब पद्मिनी धीरे-धीरे Bollywood में अपनी पहचान बना रही थीं. बाद में उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया और 80 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं.
पद्मिनी कोल्हापुरे ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं. ‘प्रेम रोग’ उनकी सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही, जिसमें उनके अभिनय को काफी सराहा गया. इसके अलावा, ‘प्यार झुकता नहीं’, ‘वो सात दिन’, ‘आहिस्ता आहिस्ता’ और ‘सौतन’ जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी स्टार बना दिया. वह 80 के दशक की सबसे सफल और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं.
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पीके/एबीएम
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