सूरत में भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

सूरत, 24 जुलाई . Gujarat के सूरत जिले में हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अब तक 2,900 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. जिला प्रशासन ने लोगों से नदियों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की अपील की है, जबकि राहत एवं बचाव के लिए एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों की टीमें तैनात कर दी गई हैं.

आपदा प्रबंधन के डिप्टी मामलतदार साजिद मेरुजय ने को बताया कि 24 जुलाई दोपहर 12 बजे तक की स्थिति के अनुसार पिछले 24 घंटों में पूरे सूरत जिले में भारी बारिश दर्ज की गई. हालांकि, Friday सुबह 8 बजे के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आई है. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने 24 जुलाई के लिए सूरत जिले में येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि फ्लैश फ्लड की चेतावनी के तहत 25 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक कई स्थानों पर जलभराव और पानी भरने की आशंका जताई गई है. नाउकास्ट के अनुसार सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक भी येलो अलर्ट प्रभावी रहा.

उन्होंने बताया कि जिले की मांडवी तहसील स्थित केवड़ी और लाखी बांध हाई अलर्ट पर हैं. वहीं, उकाई बांध से फिलहाल 800 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि बांध में लगभग 84 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. यह पानी काकरापार से लेकर सिंगणपोर कॉजवे तक के कैचमेंट क्षेत्र से नदियों और सहायक धाराओं के माध्यम से पहुंच रहा है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी किनारे होने वाली गतिविधियों जैसे मछली पकड़ना, नौकायन, पशुपालन या अन्य किसी भी तरह की आवाजाही से बचें, क्योंकि जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.

साजिद मेरुजय के अनुसार, सूरत शहर से 207 लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों से 2,713 लोगों को सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुंचाया गया है. इस तरह कुल 2,920 लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. ओलपाड तहसील में बिजली का करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. अंबिका नदी उफान पर बह रही है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

उन्होंने यह भी बताया कि Thursday रात 11:09 बजे खंभात की खाड़ी में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था, लेकिन इससे जिले में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में फिलहाल चार एसडीआरएफ टीमें तैनात हैं. इसके अलावा पंचायत स्तर पर 174 सड़कें बंद हैं, हालांकि अधिकांश स्थानों पर वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था कर दी गई है ताकि आवागमन पूरी तरह बाधित न हो.

सूरत शहर की मौजूदा स्थिति पर उन्होंने बताया कि कुछ इलाकों में अभी भी जलभराव है. विशेष रूप से सीमाड़ा खाड़ी ओवरफ्लो हो रही है. प्रशासन पलसाणा, महुआ और कामरेज क्षेत्रों में हो रही बारिश की लगातार निगरानी कर रहा है, क्योंकि इन्हीं इलाकों से आने वाला पानी इस खाड़ी में पहुंचता है.

उन्होंने आगे कहा कि यदि जलस्तर और बढ़ने की आशंका होगी तो प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को तत्काल सुरक्षित आश्रय स्थलों पर पहुंचाया जाएगा. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शहर में किसी बड़े खतरे जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा मौसम और जलस्तर पर लगातार निगरानी रखे हुए है.