
New Delhi, 23 जुलाई . राज्यसभा में नीट परीक्षा मुद्दे पर जारी गतिरोध के बीच नेता सदन जेपी नड्डा ने विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि विपक्ष का व्यवहार बेहद गैरजिम्मेदाराना है. विपक्ष न तो चर्चा चाहता है और न ही सदन को चलने देना चाहता है.
नड्डा ने कहा कि शुरुआत में विपक्ष पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था. Government ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह नीट समेत हर संबंधित विषय पर चर्चा के लिए तैयार है. इसके बावजूद विपक्ष ने अपनी मांग बदल दी और अब नई शर्तें सामने रख रहा है. उन्होंने कहा कि Government चर्चा से कभी नहीं भागी और सदन में सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष लगातार अपना रुख बदलकर कार्यवाही में बाधा डाल रहा है.
दरअसल, संसद में विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है. विपक्ष कहना है की चर्चा से पहला शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए. नीट परीक्षा विवाद को लेकर Government और विपक्ष के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में हंगामा बढ़ गया. इसके बाद सभापति ने कार्यवाही स्थगित करते हुए घोषणा की कि राज्यसभा की बैठक दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित की जाती है.
गौरतलब है कि सदन में इससे पहले भी हंगामा हुआ था जिसके चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 तक के लिए स्थगित की गई. दोपहर बारह बजे भी सदन में यही हालात बने रहे और फिर सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. इस मुद्दे पर जेपी नड्डा कह चुके हैं कि Government हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा था कि नीट परीक्षा, कथित प्रश्नपत्र लीक और उससे जुड़े सभी पहलुओं पर भी Government विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है.
नेता सदन ने कहा कि यह पारदर्शिता के साथ काम करने वाली Government है और हमेशा जनता के हित में निर्णय लेने के लिए प्रतिबद्ध रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का मौजूदा रवैया जनविरोधी है और वह सार्थक चर्चा से बचने का प्रयास कर रहा है.
नड्डा ने कहा कि विपक्ष के आचरण से यह प्रतीत होता है कि उसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संसदीय मूल्यों पर विश्वास नहीं है. उन्होंने विपक्ष की कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और संवाद ही लोकतंत्र का सही रास्ता है.
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जीसीबी/एसके
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