
तूतीकोरिन, 22 जुलाई . तमिलनाडु के Chief Minister सी. जोसेफ विजय के खिलाफ कथित रूप से की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में गिरफ्तार डीएमके विधायक जी.वी. मार्कंडेयन की जमानत याचिका पर Wednesday को तूतीकोरिन की एक अदालत में सुनवाई होगी.
विधायक मार्कंडेयन को तूतीकोरिन जिला अपराध शाखा (डिस्ट्रिक्ट क्राइम ब्रांच) ने Tuesday को गिरफ्तार किया था. उन पर कोविलपट्टी में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान Chief Minister के खिलाफ गलत बयान और भड़काऊ टिप्पणी करने का आरोप है.
Police के अनुसार, विधायक को Tuesday सुबह हिरासत में लेकर जिला Police कार्यालय लाया गया, जहां जांच के तहत उनसे करीब 11 घंटे तक लगातार पूछताछ की गई.
पूछताछ के बाद मार्कंडेयन को तूतीकोरिन की न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-1 अदालत में पेश किया गया. सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने आगे की पूछताछ के लिए विधायक को Police हिरासत में देने की मांग करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट सुमति के समक्ष एक याचिका दायर की.
हालांकि, अदालत ने Police हिरासत की मांग को खारिज कर दिया.
मजिस्ट्रेट ने याचिका खारिज करते हुए मार्कंडेयन को 15 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इसके बाद उन्हें पलायमकोट्टई केंद्रीय कारागार में भेज दिया गया. रिमांड आदेश के तुरंत बाद विधायक ने अदालत में जमानत याचिका दायर की.
अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली और मामले की सुनवाई Wednesday के लिए निर्धारित कर दी. अदालत की ऑनलाइन कॉज लिस्ट के अनुसार, जमानत याचिका पर दिन के दौरान बहस होने की संभावना है.
यह मामला सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) Government और विपक्षी डीएमके के बीच जारी Political टकराव के कारण Political रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, इसलिए जमानत याचिका के नतीजे पर सभी की नजरें टिकी हैं.
विधायक की गिरफ्तारी के बाद डीएमके ने Government पर विपक्षी नेताओं को आपराधिक मामलों में फंसाकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है. वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि कानून अपना काम करेगा और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है.
अदालत का जमानत याचिका पर आने वाला फैसला विधायक के लिए तत्काल कानूनी स्थिति तय करेगा, जबकि इस मामले में Police की जांच आगे भी जारी रहेगी.
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एएस
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