
कोलकाता, 8 अगस्त . पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में Saturday को दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों की गोली का शिकार हुए एक स्कूल हेडमास्टर मौत हो गई.
इस्लामपुर के एक स्थानीय स्कूल के हेडमास्टर, नजरुल इस्लाम पर Saturday सुबह काम पर जाते समय मदारिपुर इलाके में हमला किया गया.
गोली लगने के बाद उन्हें इस्लामपुर सब-डिविजनल हॉस्पिटल ले जाया गया और बाद में सिलीगुड़ी के एक बड़े हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद दोपहर करीब 1 बजे उनकी मौत हो गई.
इस्लामपुर Police ने इस घटना की डिटेल में जांच शुरू कर दी है. Police सुराग पाने के लिए इलाके के cctv फुटेज की जांच कर रही है. इस मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है. Police को अभी तक हत्या की कोई वजह पता नहीं चली है.
घटना पर हैरानी जताते हुए पीड़ित की बेटी, नैना खातून ने कहा कि परिवार को समझ नहीं आ रहा है कि उन्हें क्यों निशाना बनाया गया.
उन्होंने कहा, “मेरे पिता एक ईमानदार इंसान थे. उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. हमें नहीं पता कि उनकी हत्या क्यों की गई.”
मृतक हेडमास्टर की पत्नी, रुखसाना खातून ने मीडिया को बताया कि गोली लगने के समय उनके पति मोबाइल फोन पर उनसे बात कर रहे थे.
उन्होंने कहा, “घटना के बाद उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें गोली लगी है. हालांकि, वह यह नहीं बता पाए कि उन्हें गोली किसने मारी.”
साथी शिक्षकों और सहकर्मियों ने भी हत्या पर हैरानी जताई और नजरुल इस्लाम को एक समर्पित, समय के पाबंद और प्रतिबद्ध शिक्षक बताया, जिनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी.
चश्मदीदों के मुताबिक, इस्लामपुर के अंबागन क्रॉसिंग इलाके के रहने वाले हेडमास्टर का किसी Political पार्टी से कोई संबंध नहीं था.
उन्होंने बताया कि वह हमेशा की तरह स्कूल जा रहे थे, तभी मदारिपुर इलाके में अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोका और कई राउंड फायरिंग की, जिसमें से एक गोली उन्हें लगी और वह सड़क पर गिर पड़े.
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डीकेएम/एबीएम
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