पशुओं पर करुणा करें और इंसानों से प्यार : राष्ट्र संत चंद्रप्रभ


संबोधि धाम से गौशाला के लिए सेवा की गई समर्पित

जोधपुर (Jodhpur) . राष्ट्रसंत चंद्रप्रभ महाराज ने कहा कि पशुओं पर करुणा करें, इंसानों से प्यार करें और परमात्मा का ध्यान करें. उन्होंने कहा कि इंसान की आत्मा उसके दिल में नहीं, बल्कि इंसानियत में बसती है जिसके दिल में इंसानियत की दौलत है ईश्वर की नजर में वह उनकी सच्ची संतान है. आग का धर्म जलना है, फूल का धर्म खिलना है, कांटे का धर्म गढना है, पानी का धर्म प्यास बुझाना है. जब दुनिया की हर चीज का एक ही धर्म है तो फिर सोचें इंसान होकर इंसान का क्या धर्म बनता है. सारी दुनिया का एक स्वर में एक ही जवाब निकलेगा इंसान होकर प्राणी मात्र के काम आना.

संतप्रवर संबोधि धाम में आयोजित सत्संग एवं गौ सेवा कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि मंदिर में बैठे भगवान को तो सभी देखते हैं आप उसमें भी भगवान देखिए जो मंदिर के बाहर बैठा आपसे प्रसाद या मदद की गुहार कर रहा है. उन्होंने कहा कि साईं अक्सर अपने रूप में कम और किसी गाय, कुत्ते या भिखारी के रूप में ज्यादा प्रकट हुआ करते हैं. आप किसी भूखे को खाना खिला कर देखिए आपको वही सुकून मिलेगा जो भगवान को भोग लगाने पर मिला करता है.

इस अवसर पर सुखराज नीलम मेहता परिवार द्वारा गौ सेवा के लिए सब्जी का ट्रक समर्पित किया गया. कार्यक्रम में पंडित पंकज जोशी, के एन भंडारी, कमल गर्ग, देवेंद्र गैलड़ा, डॉ. पामेचा, श्रीमती संतोष गैलड़ा, श्रीमती शशि पामेचा आदि अनेक श्रद्धालु मौजूद थे.

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