हरियाणा ने वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में एसजीएसटी संग्रह वृद्धि में देशभर में बनाया पहला स्थान

चंडीगढ़, 2 अगस्त . वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसGST) संग्रह वृद्धि में देशभर में प्रथम स्थान हासिल करने के बाद Haryana ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में भी पोस्ट-सेटलमेंट एसGST संग्रह वृद्धि में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है.

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) की ओर से जारी नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में Haryana का पोस्ट-सेटलमेंट एसGST संग्रह 5,135 करोड़ रुपए रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह 4,027 करोड़ रुपए था. इस प्रकार राज्य ने वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो जुलाई माह के दौरान राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत वृद्धि से दोगुने से भी अधिक है.

इसी प्रकार, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में Haryana का पोस्ट-सेटलमेंट एसGST संग्रह 19,680 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 15,055 करोड़ रुपए था. इस दौरान राज्य ने 31 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की.

यह वृद्धि देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक रही तथा राष्ट्रीय औसत 17 प्रतिशत वृद्धि से काफी अधिक है. इसके अलावा, जुलाई 2026 के दौरान Haryana ने कुल GST राजस्व संग्रह में भी 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 10 प्रतिशत रही. एसGST संग्रह में लगातार बनी यह तेज वृद्धि Haryana की मजबूत वित्तीय स्थिति तथा राज्य Government द्वारा राजस्व संग्रह बढ़ाने के लिए अपनाए गए प्रभावी और केंद्रित प्रयासों को दर्शाती है.

इसके साथ ही, Haryana ने चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाही में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है.

Haryana स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य के 12 हजार 865 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि Government गांवों को तंबाकू-मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है और अब तक एक हजार 128 गांवों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया जा चुका है.

एएमटी/पीएम