लक्ष्य को थोड़ा और जल्दी हासिल करना चाहते थे, फील्डिंग में अभी भी सुधार की जरूरत: हरमनप्रीत कौर

मैनचेस्टर, 26 जून . महिला टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को भारतीय टीम ने जिंदा रखा है. ग्रुप ए के मुकाबले में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 5 विकेट से हराया. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर खुशी जताई है, लेकिन उन्होंने माना है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबले से पहले फील्डिंग अभी भी एक बड़ी चिंता का विषय है.

ओल्ड टैफर्ड के मैदान पर बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 136 रन लगाए. हालांकि, भारतीय टीम ने शेफाली वर्मा की अर्धशतकीय पारी के बूते 137 रनों के लक्ष्य को 16.5 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया. शेफाली ने 34 गेंदों में 53 रनों की दमदार पारी खेली. वहीं, गेंदबाजी में राधा यादव ने 3 विकेट चटकाए.

मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम का लक्ष्य मैच को जल्दी खत्म करना था ताकि नेट रन रेट में भी सुधार हो सके. उन्होंने कहा कि India ने जीत तो हासिल कर ली, लेकिन अगर टीम थोड़ा और जल्दी लक्ष्य हासिल कर लेती तो और बेहतर होता. फिर भी दो-तीन ओवर पहले मैच खत्म करना टीम के लिए सकारात्मक बात रही.

हालांकि, जीत के बावजूद भारतीय कप्तान अपनी टीम की फील्डिंग से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखीं. उन्होंने कहा कि टीम लगातार फील्डिंग पर मेहनत कर रही है, लेकिन इस मैच में भी कई आसान कैच छूट गए. इन गलतियों की वजह से बांग्लादेश की बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका मिला और टीम उम्मीद से ज्यादा रन बनाने में सफल रही. हरमनप्रीत ने कहा कि फील्डिंग ऐसी चीज है, जिसमें टीम को जल्द सुधार करना होगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगी और ऐसी गलतियां नहीं दोहराएंगी.

उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों से कैच छूटे, वे टीम के सबसे अच्छे फील्डरों में शामिल हैं. ऐसे में किसी एक खिलाड़ी को दोष देना सही नहीं होगा. कप्तान ने कहा कि कभी-कभी मैदान पर ऐसे हालात बन जाते हैं, जिन्हें पूरी तरह नियंत्रित नहीं किया जा सकता. जरूरी बात यह है कि खिलाड़ी लगातार अभ्यास करें और अपनी गलतियों से सीख लें.

हरमनप्रीत ने बताया कि टीम का पूरा ध्यान अब अगले मुकाबले पर है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी मैदान पर अधिक समय बिताकर कैच पकड़ने और फील्डिंग में सुधार करने की कोशिश करेंगे ताकि बड़े मुकाबलों में कोई आसान मौका हाथ से न निकल जाए. भारतीय कप्तान ने टीम चयन को लेकर भी अपनी रणनीति साझा की. उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट किसी एक तय प्लेइंग इलेवन पर निर्भर नहीं है. हर मुकाबले में विरोधी टीम की ताकत, कमजोरियों और पिच की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंतिम एकादश का चयन किया जाता है. इसी वजह से टीम चयन में लचीलापन रखा गया है.

भारतीय टीम को ग्रुप स्टेज के अपने अगले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी. हरमनप्रीत ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन भारतीय टीम ऐसे मुकाबलों का इंतजार करती है. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया को India की पसंदीदा विपक्षी टीम बताया.

हरमनप्रीत ने कहा, “हम जानते हैं कि हर मैच जीतना जरूरी है, और कभी-कभी जब चीजें आपके हिसाब से नहीं होतीं, तो आपको अपना बेस्ट देना होता है. ऐसे में मेरे हिसाब से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है. अगर हम इस मैच को जीतने में सफल रहते हैं, तो इससे हमें बहुत आत्मविश्वास मिलेगा.”उन्होंने कहा कि नवी Mumbai में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली पिछली जीत से भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है. उस जीत ने खिलाड़ियों का भरोसा मजबूत किया और कई मानसिक बाधाएं भी दूर कीं.”

एसएम/एएस