अरविंद केजरीवाल चुनाव जीतने के लिए भगवान राम का सहारा ले रहे: हरीश खुराना

New Delhi, 11 जुलाई . अयोध्या राम मंदिर में कथित चंदा चोरी मामले और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा सुंदरकांड पाठ एवं हस्ताक्षर अभियान आयोजित किए जाने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा विधायक हरीश खुराना ने इस मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर जुबानी हमला किया. उन्होंने उन पर चुनावी राजनीति के लिए धार्मिक आस्था का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

हरीश खुराना ने से बातचीत में कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनकी पूरी पार्टी चुनावी हिंदू हैं. हर चुनाव से पहले हिंदू आस्था का प्रदर्शन करना उनका Political तरीका बन गया है. जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, तब केजरीवाल मंदिरों में जाकर माथा टेकते हैं और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी धार्मिक गतिविधियां दिखाई नहीं देतीं.

उन्होंने कहा कि अयोध्या राम मंदिर को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के पुराने बयानों को जनता भूली नहीं है. पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले लोग अब चुनावी लाभ के लिए भगवान राम और सुंदरकांड का सहारा ले रहे हैं. भव्य राम मंदिर बनने के बाद करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करना केवल Political रणनीति का हिस्सा है. दिल्ली विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए खुराना ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान अरविंद केजरीवाल लगातार हनुमान मंदिर समेत कई मंदिरों में दर्शन करने जाते थे, लेकिन चुनाव समाप्त होने और सत्ता से बाहर होने के बाद उन्होंने उन मंदिरों का रुख नहीं किया. पिछले डेढ़ साल में केजरीवाल कितनी बार भगवान राम या हनुमान के मंदिरों में जाकर दर्शन किए.

राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर हरीश खुराना ने कहा कि उत्तर प्रदेश Government ने इस मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की है. Chief Minister योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया, गिरफ्तारियां हुईं और मामले की जांच जारी है. इसके बावजूद विपक्षी दल इस घटना को Political मुद्दा बनाकर अपनी Political रोटियां सेंकने की कोशिश कर रहे हैं. Samajwadi Party सहित अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए इस मुद्दे को जानबूझकर Political रंग दिया जा रहा है. अन्य धार्मिक स्थलों पर होने वाली चोरी या विवादों पर विपक्ष की ओर से ऐसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलती, जबकि अयोध्या के मामले को Political कारणों से लगातार उछाला जा रहा है.

भाजपा विधायक ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और देश की जनता विपक्ष की इस राजनीति को समझ रही है. दिल्ली की जनता अपना फैसला दे चुकी है और अब उत्तर प्रदेश की जनता भी चुनाव में उचित जवाब देगी. धार्मिक आस्था के मुद्दों पर राजनीति करने वालों को जवाब देने के लिए जनता तैयार है.