
चंडीगढ़, 11 अगस्त . पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने Tuesday को पूर्व भारतीय क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की आलोचना करते हुए निराशा जताई. उन्होंने हरभजन सिंह पर Rajasthan का एक वीडियो शेयर करने और उसे गलत तरीके से पंजाब से जोड़कर राज्य और वहां के युवाओं को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
चीमा ने कहा कि हरभजन सिंह, जिन्हें ‘आप’ ने पंजाब के हितों का प्रतिनिधित्व करने और राज्य के युवाओं के लिए काम करने के लिए राज्यसभा भेजा था, अब भारतीय जनता पार्टी के प्रोपेगैंडा को बढ़ावा दे रहे हैं.
उन्होंने मीडिया से कहा, “हरभजन सिंह को अपने प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पंजाब के युवाओं को खेल अपनाने और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रोत्साहित करने में करना चाहिए था, न कि ऐसा गुमराह करने वाला कंटेंट शेयर करना चाहिए था जिससे पंजाब की छवि खराब हो.”
हरभजन सिंह द्वारा शेयर किए गए वीडियो का जिक्र करते हुए चीमा ने कहा कि पंजाब Police ने उसका पता लगाया और पाया कि वह असल में Rajasthan के श्रीगंगानगर का था, जो एक भाजपा शासित राज्य है और उसका पंजाब से कोई लेना-देना नहीं था.
उन्होंने आरोप लगाया कि तथ्यों की जांच करने के बजाय, भाजपा की “आईटी मशीनरी” दूसरे राज्यों से वीडियो उठा रही थी और उन्हें पंजाब की घटनाओं के तौर पर पेश कर रही थी ताकि राज्य और उसके युवाओं को बदनाम किया जा सके.
राज्य Government के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान पर जोर देते हुए चीमा ने कहा कि भाजपा नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में भगवंत मान Government द्वारा की गई प्रगति को कमजोर करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि पंजाब Government नशीली दवाओं को खत्म करने और पंजाब के युवाओं को बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए कई मोर्चों पर काम कर रही है.
चीमा ने पंजाब में भाजपा के रिकॉर्ड की ओर भी इशारा किया और कहा कि 2007 से 2017 तक शिअद-भाजपा Government के 10 वर्षों के दौरान नशीली दवाओं की समस्या बढ़ गई थी. उन्होंने कहा कि उसी दौरान ‘चिट्टा’ और ‘स्मैक’ जैसे शब्द पंजाब से बड़े पैमाने पर जुड़ गए थे और नशे की लत से अनगिनत युवाओं की जिंदगी बर्बाद हो गई थी.
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर Government का पक्ष रखते हुए चीमा ने कहा कि Government युवाओं को सकारात्मक विकल्प प्रदान करने के लिए खेल सुविधाओं को भी मजबूत कर रही है. पंजाब में पहले ही 3,000 से ज्यादा खेल स्टेडियम बनाए जा चुके हैं जबकि 6,000 और बनाए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा, “हम खेलों में निवेश कर रहे हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि पंजाब के युवा नशीली दवाओं से दूर रहें और एक स्वस्थ और उत्पादक भविष्य की ओर बढ़ें.”
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एससीएच/पीएम
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