नैनीताल : कैंची धाम में हनुमान चालीसा और रामायण पाठ, 15 जून को स्थापना दिवस समारोह

नैनीताल, 12 जून . उत्तराखंड के नैनीताल स्थित कैंची धाम में बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं. कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस समारोह की तैयारी चल रही है. इससे पहले लगातार हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है और इसके बाद रामायण का पाठ किया जाएगा.

कैंची धाम के प्रमुख और न्यासी प्रदीप शाह ने बताया कि हर साल यह आयोजन और भव्य होता जा रहा है. तैयारियां परंपरा के अनुसार चल रही हैं. एक महीने से धाम में हनुमान चालीसा का पाठ हो रहा है. 12 जून को इसका समापन किया जाएगा. इसके बाद रामायण पाठ शुरू होगा. 13 जून को समापन, 14 जून को हवन और 15 जून को प्रसाद वितरण कार्यक्रम होगा.

उन्होंने कहा कि सालों से चली आ रही परंपरा के अनुसार प्रसाद वितरण कार्यक्रम के बाद यह समारोह समाप्त हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि प्रसाद वितरण की कोई विशेष जानकारी नहीं है और न ही प्रसाद कभी मापकर बनाया जाता है. जैसी व्यवस्था होती है और पिछले साल के अनुमान के हिसाब से हर साल व्यवस्था की जाती है. बस कोशिश यही होती है कि हर किसी को प्रसाद मिल जाए.

प्रदीप शाह ने बताया कि धाम आने वाले भक्तों के लिए पार्किंग की समस्या है, लेकिन ऐसा लग रहा है कि जल्द ही इसका भी समाधान कर दिया जाएगा. लोगों के लिए आराम करने की भी जगह बनाई जा रही है. आने वाले समय में भक्तों को और भी सहूलियत मिलने वाली है.

उन्होंने कहा कि मंदिर में सभी लोग आपसी सहयोग से संचालन में सहयोग कर रहे हैं. कई लोगों को जिम्मेदारी दी गई है और वे सभी अपनी जिम्मेदारियों का पालन कर रहे हैं.

वहीं, कैंची धाम के इस समारोह में लाखों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए नैनीताल Police ने ट्रैफिक को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं.

Police के दिशानिर्देशों के अनुसार, 13 जून से 16 जून तक भारी मालवाहक वाहनों के संचालन पर रोक रहेगी. श्रद्धालुओं के लिए शटल सेवा और विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है. इतना ही नहीं, मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालु को निजी चौपहिया वाहन लाने पर भी रोक लगाई जा रही है. दोपहिया वाहनों को भी भवाली क्षेत्र में निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा किया जाएगा.

प्रशासन का कहना है कि इससे कैंची धाम क्षेत्र में वाहनों का दबाव कम होगा. भवाली, नैनीबैंड, ज्योलीकोट, हल्द्वानी और अन्य प्रमुख स्थानों पर अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं.

एएमटी/पीएम