गुर्जर समुदाय को वोट बैंक नहीं समझा जाना चाहिए: विजय बैंसला

jaipur, 30 मई . गुर्जर नेता विजय सिंह बैंसला ने Saturday को Political नेताओं को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि गुर्जर समुदाय को सिर्फ वोट बैंक समझकर हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए.

एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक जितेंद्र गोठवाल को कुशाली दर्रा में प्रतिमा स्थापना के बाद कथित तौर पर धक्का-मुक्की करते हुए दिखाया गया है. social media पर वायरल हुए इस फुटेज में गोठवाल को भीड़ से घिरा हुआ दिखाया गया है, जिसके बाद उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाते हैं.

प्रतिष्ठान स्थल पर प्रतिमा स्थापना के बाद आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए बैंसला ने कहा कि समुदाय वर्षों से शोषण का शिकार रहा है और उन्होंने नेताओं को गुर्जरों की भावनाओं को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी.

समुदाय के सदस्यों को संबोधित करते हुए बैंसला ने कहा कि गुर्जर समुदाय सिर्फ वोटों के लिए इस्तेमाल होने वाली वस्तु नहीं है और चेतावनी दी कि अगर उनका सम्मान नहीं किया गया, तो वे जानते हैं कि कैसे जवाब देना है. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई से तीन वर्षों से हो रहे शोषण को अब समाप्त किया जाना चाहिए.

एक व्यापक Political संदेश देते हुए बैंसला ने कहा कि Rajasthan भर के राजनेताओं को गुर्जर समुदाय को हल्के में नहीं लेना चाहिए. उन्होंने याद दिलाया कि कर्नल किरोरी सिंह बैंसला ने समाज को शिक्षित किया था और लोगों को आलोचनात्मक सोच सिखाई थी, जिससे वे अपने हितों की रक्षा करना जानते थे.

Political विश्वास और नेतृत्व का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हर किसी को अवसर मिलना चाहिए, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए. उन्होंने इसकी तुलना पतंग से की, जिसे उड़ने के लिए केवल उतनी ही ढील दी जानी चाहिए, जितनी उड़ने के लिए पर्याप्त हो, उससे अधिक होने पर डोर काट देनी चाहिए.

बैंसला ने Friday को खांदर विधायक जितेंद्र गोठवाल से जुड़ी तनावपूर्ण घटना का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि गोठवाल को सभा में न आने के लिए कहा गया था, लेकिन फिर भी वे वहां पहुंचे, जिससे समुदाय के कुछ वर्गों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में जनता का आक्रोश बढ़ता गया है.

कुशाली दर्रा में प्रतिमा स्थापना के बाद, विधायक गोठवाल का एक वीडियो भी social media पर वायरल हो गया. फुटेज में, गोठवाल भीड़ से घिरे हुए दिखाई देते हैं, जिसके बाद उनके पीएसओ उन्हें बाहर ले जाते हैं.

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक जितेंद्र गोठवाल ने कहा कि वे केवल श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उन्होंने दोहराया कि वे गुर्जर समुदाय की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि वे हमेशा गुर्जर समुदाय की सेवा के लिए तत्पर रहे हैं, तत्पर हैं और आगे भी तत्पर रहेंगे.

उन्होंने आगे कहा कि बारिश के बावजूद वे श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए स्मारक सभा में पहुंचे. कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए. भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने इसका जवाब दिया और माहौल तनावपूर्ण होते देख उन्होंने वहां से चले जाने का फैसला किया.

लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए गोठवाल ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का अधिकार है.

एमएस/