
गांधीनगर, 21 जुलाई . Gujarat ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों की उपज खरीद को लेकर नया रिकॉर्ड बनाया है. Chief Minister भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य Government ने तकनीक आधारित पारदर्शी खरीद प्रणाली लागू की है, जिसके चलते किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से किया जा रहा है. Government का दावा है कि इस व्यवस्था से किसानों को समय पर भुगतान, पारदर्शिता और बिचौलियों से राहत मिली है.
अनाज मंडियों में फसल बेचने पहुंचे किसान नई व्यवस्था से संतुष्ट नजर आ रहे हैं. पहले किसानों को फसल बेचने के बाद भुगतान मिलने में लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार उन्हें बाजार में एमएसपी से कम कीमत पर उपज बेचनी पड़ती थी. अब ऑनलाइन पंजीकरण, एसएमएस के जरिए सूचना और डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भुगतान होने से पूरी प्रक्रिया तेज और सरल हो गई है.
बनासकांठा के किसान ईश्वर रबारी ने कहा, “Government एमएसपी पर उनकी उपज खरीद रही है और भुगतान तुरंत ऑनलाइन बैंक खाते में पहुंच जाता है. इससे जरूरत पड़ने पर वे सीधे बैंक से राशि निकालकर अपने अन्य वित्तीय कार्य भी आसानी से कर पाते हैं.”
वहीं किसान कांजीभाई चौधरी ने बताया, “Government बाजरे की खरीद निर्धारित एमएसपी पर करती है, जिससे किसानों को बाजार की तुलना में बेहतर कीमत मिलती है और उनकी आय में सुधार होता है.”
केंद्र Government द्वारा तय एमएसपी पर खरीद के लिए Gujarat Government ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, एसएमएस अलर्ट और डीबीटी जैसी सुविधाओं ने खरीद व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया है.
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में राज्य में केवल 2.01 लाख किसानों से लगभग 1,775 करोड़ रुपए की एमएसपी खरीद हुई थी. वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 14 लाख से अधिक किसानों तक पहुंच गया. इस दौरान 32.54 लाख मीट्रिक टन उपज की खरीद की गई और किसानों को लगभग 23,800 करोड़ रुपए का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया गया.
कृषि अधिकारी एम.बी. पटेल ने कहा कि राज्य Government लगातार प्रयास कर रही है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले. उन्होंने बताया कि पिछले दस वर्षों में एमएसपी पर खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब खरीद का मूल्य 23,000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच चुका है.
राज्य में एमएसपी के तहत मूंगफली, कपास, चना और अरहर जैसी प्रमुख फसलों की बड़े पैमाने पर खरीद की जा रही है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दस वर्षों में 52.48 लाख मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद पर किसानों को 31,941 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया. इसी अवधि में 25.23 लाख मीट्रिक टन कपास के लिए 17,759 करोड़ रुपए, 16.81 लाख मीट्रिक टन चना के लिए 9,549 करोड़ रुपए और 4.97 लाख मीट्रिक टन अरहर की खरीद पर 3,222 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया.
इसके अलावा मूंग, उड़द, सरसों और सोयाबीन जैसी फसलों के उत्पादकों को भी एमएसपी योजना का लाभ मिल रहा है. Government का कहना है कि तकनीक-आधारित खरीद प्रणाली और समय पर भुगतान से किसानों का भरोसा बढ़ा है और अधिक संख्या में किसान एमएसपी व्यवस्था से जुड़ रहे हैं.
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एससीएच/
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