
New Delhi, 30 मई . वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग ने कम लागत वाली विमानन कंपनी स्पाइसजेट को कई महीनों तक GST रिटर्न दाखिल न करने के आरोप में 124.65 करोड़ रुपए के टैक्स की मांग जारी की है. इसके साथ ही एयरलाइन को अपने GST पंजीकरण के रद्द होने की कार्रवाई का भी सामना करना पड़ रहा है.
अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें बार-बार देरी और वैधानिक रिटर्न दाखिल करने में कथित नियम उल्लंघन के आधार पर कंपनी का GST पंजीकरण रद्द करने का प्रस्ताव रखा गया है.
यह कर मांग केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीGST) अधिनियम और राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसGST) अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत की गई अस्थायी कर निर्धारण प्रक्रिया के बाद उठाई गई. आरोप है कि एयरलाइन निर्धारित समयसीमा के भीतर रिटर्न दाखिल करने में विफल रही.
GST अधिकारियों ने कहा कि स्पाइसजेट लगातार रिटर्न दाखिल करने में अनियमितताएं करती रही है और कई बार नियत तिथि के बाद रिटर्न जमा किए गए.
आकलन के अनुसार, विभाग ने नवंबर माह के लिए 44.44 करोड़ रुपए, दिसंबर के लिए 43.79 करोड़ रुपए, जनवरी के लिए 12.19 करोड़ रुपए, फरवरी के लिए 12.10 करोड़ रुपए और मार्च के लिए 12.12 करोड़ रुपए की मांग उठाई है.
अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइन का GST पंजीकरण रद्द करने से संबंधित कारण बताओ नोटिस 25 मई 2026 को जारी किया गया था, लेकिन कंपनी ने अभी तक लंबित अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया है.
एक अधिकारी ने कहा, “यदि स्पाइसजेट जल्द ही अपने लंबित रिटर्न दाखिल नहीं करती और GST कानून के तहत अपनी वैधानिक जिम्मेदारियों का पालन सुनिश्चित नहीं करती, तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.”
स्पाइसजेट ने 30 सितंबर 2025 को समाप्त तिमाही के लिए 621 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया था, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का घाटा 458 करोड़ रुपए था.
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी की परिचालन आय भी पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 915 करोड़ रुपए से घटकर 792 करोड़ रुपए रह गई, जो लगभग 13 प्रतिशत की गिरावट है.
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन Friday को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में स्पाइसजेट का शेयर 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 12.75 रुपए पर बंद हुआ.
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डीबीपी
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