‘सपोर्ट के लिए आभारी हूं, सफलता के लिए यह जरूरी है’: अदाणी ग्रुप के सपोर्ट पर प्रज्ञानंद

New Delhi, 6 जून . ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद प्रतिष्ठित नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बने हैं. उन्होंने इतिहास रचने के बाद एथलीट्स को बेहतरीन प्रदर्शन करने में मदद करने वाले मजबूत कॉर्पोरेट सपोर्ट सिस्टम के महत्व को रेखांकित करते हुए समर्थन के लिए ‘अदाणी ग्रुप’ का धन्यवाद किया.

‘अदाणी स्पोर्ट्सलाइन’ से सपोर्ट पाने वाले 20 वर्षीय खिलाड़ी ने नॉर्वे में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने वर्ल्ड नंबर 1 मैग्नस कार्लसन, मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोम्माराजू, अलीरेजा फिरोजा, वेस्ली सो और विंसेंट कीमर जैसे दिग्गजों को पछाड़ा. टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने कार्लसन को दो बार हराया और खिताब जीतने के रास्ते में गुकेश पर भी अहम जीत हासिल की.

से ​​बात करते हुए, उन्होंने बताया कि प्रोफेशनल चेस की लॉजिस्टिकल चुनौतियों से निपटने में अदाणी ग्रुप ने उनकी कैसे मदद की.

उन्होंने के साथ खास बातचीत में कहा, “किसी भी क्षेत्र में सफल होने के लिए सपोर्ट सिस्टम जरूरी है. मैं आभारी हूं कि मुझे अदाणी ग्रुप से सपोर्ट मिला है. एक चेस खिलाड़ी के लिए, सभी लॉजिस्टिक्स और बाकी चीजों को मैनेज करना निश्चित रूप से एक चुनौती होती है, और यहीं पर अदाणी ग्रुप का सपोर्ट मेरी मदद कर रहा है.”

ग्रैंडमास्टर ने कहा कि यह सपोर्ट सिर्फ स्पॉन्सरशिप तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनौतियों के समय भरोसा भी दिलाता है.

उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि जब से वे मुझे सपोर्ट कर रहे हैं, कोई भी समस्या आने पर वे हमेशा मेरी मदद और सपोर्ट के लिए मौजूद रहते हैं. इसलिए मैं उनके सभी सपोर्ट के लिए सचमुच आभारी हूं. मुझे खुशी है कि नई कॉर्पोरेट कंपनियां खेल में आ रही हैं और खिलाड़ियों को सपोर्ट कर रही हैं. मुझे लगता है कि सभी खिलाड़ी कॉर्पोरेट से मिलने वाले सपोर्ट के लिए हमेशा आभारी रहते हैं.”

इससे पहले Saturday को, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने नॉर्वे चेस जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर इस खिलाड़ी को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को चेस की दुनिया में सहनशक्ति, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक बताया.

गौतम अदाणी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तारीफ करते हुए लिखा, “प्रज्ञानंद को नॉर्वे चेस टूर्नामेंट जीतने वाले पहले भारतीय बनने पर बधाई. यह शतरंज की दुनिया में धैर्य, बुद्धि और स्वभाव की सबसे बड़ी परीक्षा है. शतरंज के सबसे बड़े मंचों में से एक पर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को हराना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसे और भी खास बनाता है वह जज्बा, जिसके साथ वह खेलते हैं. वह एक भारतीय की तरह निडर हैं और पूरी तरह लक्ष्य पर केंद्रित रहते हैं. आप उभरते हुए युवा India के आत्मविश्वास का प्रतीक हैं. पूरे देश को आप पर गर्व है.”

आरएसजी/एबीएम