पाकिस्तान में पुलिस फायरिंग में मारी गई 9 साल की ऑस्ट्रेलियाई लड़की के दादा ने की न्याय की मांग

कैनबरा, 25 जून . Pakistan में Police फायरिंग में मारी गई नौ साल की ऑस्ट्रेलियाई लड़की हानिया अहमद के दादा मजहर हुसैन चौहान ने न्याय की मांग की है. इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के Prime Minister एंथनी अल्बनीज ने पहले इस घटना की पारदर्शी तरीके से जांच की मांग की थी.

ऑस्ट्रेलिया के एबीसी न्यूज ने मजहर हुसैन चौहान के हवाले से कहा, “चाहे हमें उनकी (आस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज) वजह से इंसाफ मिले या Police की वजह से, हमें बस इंसाफ चाहिए.”

चौहान ने Pakistan में Police की गोलीबारी के बारे में बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को बंदूक की नोक पर लूटा गया था. हानिया अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया से Pakistan स्थित अपने परिवार से मिलने आई थी.

परिवार Pakistan के पंजाब प्रांत के चकवाल जिले में एक रिश्तेदार के घर डिनर पर गया था. चौहान ने कहा कि वह वापस लौट गए जबकि हानिया अपने परिवार के साथ रिश्तेदार के घर पर रुकी रही. चौहान ने कहा कि तीन घंटे बाद उन्हें एक कॉल आया जिसमें बताया गया कि उनके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है.

चौहान ने कहा, “मुझे गोलियों के बारे में कोई आइडिया नहीं था.” हॉस्पिटल जाने के बाद, उन्होंने अपनी पोती का शव देखा. एबीसी न्यूज ने उनके हवाले से कहा, “मैंने अपनी पोती का शव स्ट्रेचर पर देखा और मेरा बेटा व पोता घायल थे. Police और डॉक्टर अपना काम कर रहे थे.”

यह घटना जो लूट से शुरू हुई और बाद में शूटआउट में बदल गई. दो लुटेरों ने हानिया के परिवार को उनके रिश्तेदार के घर के बाहर गनपॉइंट पर पकड़ लिया और उनसे ज्वेलरी मांगी. Pakistan के क्राइम कंट्रोल डिपार्टमेंट (सीसीडी) ने दावा किया है कि लुटेरों ने घटनास्थल पर मौजूद एक ऑफिसर पर फायरिंग शुरू कर दी. हालांकि हानिया के पिता अहमद ने कहा कि Police ने सबसे पहले फायरिंग की.

जब परिवार इस अफरातफरी से दूर जाने की कोशिश कर रहा था, तो एक Police अधिकारी ने उनकी कार पर गोलियां चलानी जारी रखीं, यह सोचकर कि कार के अंदर लुटेरे हैं, जिससे हानिया की जान चली गई जबकि उसके भाई और पिता घायल हो गए. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक हानिया को कम से कम पांच गोलियां लगीं और उसकी तुरंत मौत हो गई.

सीसीडी को 2025 में Pakistan के पंजाब में क्राइम पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था. हालांकि, मानवाधिकार समूहों, जिसमें Pakistan का ह्यूमन राइट्स कमीशन (एचआरसीपी) भी शामिल है, ने हानिया की मौत से पहले ही विभाग के बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई थी.

फरवरी की शुरुआत में एचआरसीपी ने पंजाब प्रांत में Pakistan के सीसीडी की जानबूझकर नकली एनकाउंटर की नीति अपनाने के लिए आलोचना की थी, जिसके कारण न्यायेतर हत्या हुई, जो प्रांत में कानून के शासन और संवैधानिक सुरक्षा को पूरी तरह से कमजोर करती है.

अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए एचआरसीपी ने 2025 में आठ महीनों के दौरान सीसीडी की वजह से हुए कम से कम 670 एनकाउंटर्स को डॉक्यूमेंट किया, जिसके नतीजे में 924 संदिग्धों की मौत हुई और इसी दौरान दो Police अधिकारी भी मारे गए.

एचआरसीपी ने पीड़ितों के परिवारों में डर के माहौल को दर्ज किया. एक परिवार ने Police अधिकारियों की तरफ से मृतक को तुरंत दफनाने के दबाव की बात कही और दावा किया कि उन्हें चेतावनी दी गई थी कि अगर वे इस केस को आगे बढ़ाते हैं तो दूसरे रिश्तेदारों को भी मारा जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस तरह की धमकी आपराधिक हरकत है और इंसाफ में बड़ी रुकावट डालती है.

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