वैज्ञानिक आधुनिक कृषि का व्यवहारिक अनुभव किसानों को दें: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

Bhopal , 31 मई . Governor मंगुभाई पटेल ने कहा कि वैज्ञानिक आधुनिक कृषि तकनीक का व्यवहारिक अनुभव किसानों को दें. उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान द्वारा आसपास के क्षेत्रों के किसानों को केंद्र में आमंत्रित किया जाना चाहिए. यहां किसानों को उनके सामर्थ्य और आवश्यकता के अनुरूप उपयोगी आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया जाए. उन्हें कृषि यंत्रों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि किसान इनका स्वयं उपयोग करने में सक्षम हो सके.

उन्होंने कहा कि Prime Minister के साथ ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, हमारे पूरे राष्ट्र की सामूहिक चेतना, शक्ति और संकल्प का प्रतीक है.

Governor मंगुभाई पटेल Prime Minister Narendra Modi के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के पूर्व किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को संबोधित कर रहे थे. Governor के साथ किसानों, कृषि वैज्ञानिकों के साथ ‘मन की बात’ के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम का आयोजन Sunday को केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान के सभागार में किया गया था. इस अवसर पर संचालक कृषि कल्याण उमाशंकर भार्गव भी मौजूद थे.

उन्होंने कहा कि Prime Minister मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देश के सुदूर कोनों के गुमनाम नायकों की उपलब्धियों को बताते हैं, जिनके एकल प्रयासों ने समाज में बड़े बदलाव किए हैं. यह कार्यक्रम हमें सिखाता है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता, क्योंकि जब पूरा देश एक दिशा में सोचता है और सामूहिक चेतना के साथ काम करता है, तो बड़े से बड़ा बदलाव आसानी से हो जाता है.

Governor मंगुभाई पटेल ने कृषि वैज्ञानिकों को बदलते परिवेश में खेती पर होने वाले मौसम के प्रकोप को सहने और फसलों की सुरक्षा करने की क्षमता बढ़ाने में किसानों की सहायता करने पर विशेष बल दिया.

उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिला किसानों की उपस्थिति पर हर्ष व्यक्त किया. बताया कि वर्तमान में केंद्र और राज्य, दोनों ही Governmentों के केंद्र में किसान कल्याण सर्वोपरि है. Government किसानों के चहुंमुखी विकास और उनकी आय बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाने को तत्पर रहती है. पीएम मोदी के नेतृत्व में खेती को लाभकारी बनाने के लिए अनेक कार्य किए गए हैं, नई योजनाएं बनी हैं. उन्नत कृषि के लिए Prime Minister मोदी ने देश में 3 करोड़ ‘ड्रोन दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि में महिलाओं की भागीदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा. उन्होंने राज्य Government द्वारा कृषि कल्याण वर्ष के माध्यम से आधुनिक खेती के विकास के द्वारा किसानों की आमदनी को बढ़ाने प्रयासों की सराहना की.

Governor मंगुभाई पटेल ने अपने गृह राज्य Gujarat का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि वे Gujarat के नवसारी के रहने वाले हैं, जहां एक प्रतिष्ठित कृषि विश्वविद्यालय स्थित है. उन्होंने याद दिलाया कि Gujarat के Chief Minister के रूप में Prime Minister मोदी ने वर्ष 2007 में ऐतिहासिक ‘कृषि मेलों’ की शुरुआत कराई थी. इस अभिनव पहल के तहत उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों को ‘लैब से फील्ड’ भेजने की शुरुआत की, ताकि वैज्ञानिक सीधे किसानों से जुड़ सकें.

उन्होंने बताया कि इन कृषि मेलों के माध्यम से ही Gujarat में रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में वर्मी कंपोस्ट केंचुआ खाद के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिला, जिससे जैविक खेती की नींव मजबूत हुई. उन्होंने उल्लेख किया कि India के महान कृषि वैज्ञानिक, स्वर्गीय डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन ने स्वयं Gujarat में एक माह तक प्रवास कर इन कृषि मेलों के सकारात्मक प्रभावों और उनके दूरगामी परिणामों का अध्ययन किया था.

Governor पटेल ने कार्यक्रम के पूर्व केंद्र में विकसित किए गए आधुनिक उपकरण आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीक का अवलोकन किया. कृषि वैज्ञानिकों का उत्साह वर्धन किया और कहा कि कृषक उपयोगी यंत्रों और तकनीक के विकास को देखकर उन्हें प्रसन्नता हुई है.

केंद्र के निदेशक सीआर मेहता ने स्वागत उद्बोधन में संस्थान की उपलब्धियां और नवाचार की जानकारी दी. आभार प्रदर्शन केंद्र के परियोजना समन्वयक केएन अग्रवाल ने किया. मन की बात के सामूहिक श्रवण कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर आई.सी.ए.आर. गान का प्रस्तुत किया गया. अनुसूचित जाति उप योजना के तहत किसानों को उन्नत कृषि किट प्रदान किए गए.

डीकेपी/