हैदराबाद को पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के मिशन पर काम कर रही सरकार: सीएम रेवंत रेड्डी

हैदराबाद, 18 जून . तेलंगाना के Chief Minister रेवंत रेड्डी ने Thursday को कहा कि उनकी Government हैदराबाद को पर्यावरण-अनुकूल (इको-फ्रेंडली) शहर में बदलने के मिशन पर काम कर रही है.

हैदराबाद के निकट गुर्रमगुडा इको पार्क में आयोजित होने वाले ‘वनमहोत्सव’ कार्यक्रम से पहले Chief Minister ने कहा कि उनकी Government वर्षा जल निकासी नालों (स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स) के पुनरुद्धार, वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने और शहर को हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.

Chief Minister ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि Thursday शाम आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतीकात्मक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि अतीत में हुई पर्यावरणीय क्षति और बाढ़ जैसी आपदाओं की यादों से उपजे संकल्प का परिणाम है, जिसे Government पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है.

उन्होंने कहा कि पहले झीलों पर अतिक्रमण और वन भूमि पर अवैध कब्जों के कारण मामूली बारिश में भी हैदराबाद में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो जाती थी. लेकिन वर्तमान Government स्टॉर्म वॉटर ड्रेन्स को पुनर्जीवित करने, वन भूमि को कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापस हासिल करने और शहर को हरियाली से भरपूर बनाने के मिशन पर काम कर रही है.

रेवंत रेड्डी ने कहा कि गुर्रमगुडा की वन भूमि पर आयोजित वनमहोत्सव उस विचार की व्यावहारिक अभिव्यक्ति है, जो वर्ष 2021 की बाढ़ के दौरान मलकाजगिरी से सांसद रहते हुए इस क्षेत्र के दौरे के समय उनके मन में पैदा हुई थी. उन्होंने उस समय के दौरे की तस्वीरें भी साझा कीं.

Chief Minister ने कहा कि यह कार्यक्रम उनकी Government द्वारा सत्ता संभालने के बाद अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने, वन भूमि की रक्षा करने और हैदराबाद को प्रकृति के बीच बसने वाला शहर बनाने के प्रयासों का प्रमाण है.

उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में Supreme Court ने गुर्रमगुडा की 102 एकड़ भूमि को वन भूमि घोषित किया था. शीर्ष अदालत ने साहेबनगर कलां (गुर्रमगुडा रिजर्व फॉरेस्ट) मामले में तेलंगाना Government की अपील स्वीकार करते हुए पूर्व के आदेशों को निरस्त कर दशकों पुराने विवाद का निपटारा किया था.

इसके बाद मार्च 2026 में राज्य Government ने तेलंगाना वन अधिनियम, 1967 की धारा 15 के तहत गुर्रमगुडा की 424 एकड़ 31 गुंटा भूमि को आरक्षित वन घोषित किया और इसे एक बड़े शहरी वन पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया.

Chief Minister Thursday शाम पार्क में पौधारोपण कर वनमहोत्सव का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान वह 17.84 करोड़ रुपये की लागत से गुर्रमगुडा रिजर्व फॉरेस्ट में कराए गए विकास कार्यों का उद्घाटन भी करेंगे.

इसके अलावा Chief Minister राज्यभर में करीब 17.66 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शहरी पार्कों, इको पार्कों, वन्यजीव संरक्षण, चिड़ियाघर आधुनिकीकरण, आवासीय भवनों और पर्यावरणीय अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे. ये परियोजनाएं निजामाबाद, कोठागुडेम, हनमकोंडा, मेडक, महबूबनगर, मुलुगु, नारायणपेट, भूपालपल्ली, संगारेड्डी, रंगा रेड्डी और वारंगल सहित विभिन्न जिलों में विकसित की गई हैं.

डीएससी