‘सरकार वीक है तभी पेपर लीक है’, पीएम के वीडियो संदेश पर कांग्रेस सांसदों की प्रतिक्रिया

New Delhi, 25 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi के वीडियो संदेश पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने नीट मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा कि वे (Prime Minister) ट्वीट करेंगे और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करेंगे, लेकिन कार्रवाई नहीं करेंगे. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस समय रील नहीं, रियल चाहिए.

Prime Minister के वीडियो संदेश पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, “रात में नींद नहीं आती है. उन्हें अंदर से हालात पता हैं, तो वीडियो बनाने लग जाते हैं. पहले वीडियो में फोटो अच्छी नहीं आई थी. दूसरी वीडियो में सुधारा है. हालांकि, इस समय रील नहीं, रियल चाहिए.”

उन्होंने नीट मुद्दे पर कहा, “हमारे नेता राहुल गांधी सही थे. मेट्रो बंद कर दो. छात्रों पर पैलेट गन चलाओ, उन्हें घायल करो और उनकी आंखें छीन लो. दुकानें बंद करो, सड़कें जाम करो, इंटरनेट बंद करो और जोमैटो जैसी सेवाओं को लोगों तक पहुंचने से रोको. लेकिन वे पेपर लीक नहीं रोकेंगे. यह कैसी जिद्दी और अहंकारी Government है? यह समझना मुश्किल है.”

प्रमोद तिवारी ने आगे कहा, “सब जानते हैं कि एक मुख्य मुद्दा है, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा. क्या सिर्फ एक व्यक्ति की वजह से कश्मीर से कन्याकुमारी तक के युवाओं का भविष्य दांव पर लगाया जा सकता है? क्या देश ऐसी स्थिति बर्दाश्त कर सकता है जहां युवाओं की आवाज कितनी भी जोर से उठे, पेलेट गन से उन्हें कितनी भी चोटें आएं या कितनी भी बार उन पर लाठीचार्ज हो, फिर भी Government कहे कि वह उस मंत्री को नहीं हटाएगी? यह लाल बहादुर शास्त्री का देश है, ऐसे नेताओं का देश है जिन्होंने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया था.”

कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा, “मेरा मानना है कि वे (Prime Minister) ट्वीट करेंगे और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करेंगे, लेकिन कार्रवाई नहीं करेंगे. इसमें कोई शक नहीं है कि वह शब्दों के बाजीगर हैं.”

सुखदेव भगत ने आगे कहा, “एक सामान्य सी बात है कि आपकी मंशा व इच्छाशक्ति हो और युवाओं के प्रति गंभीर हैं तो सबसे पहले संवेदनशीलता दिखलाएं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट से हटाएं. लेकिन Government ऐसा बिल्कुल नहीं कर सकती है, क्योंकि सर्कस की तरह कुछ न कुछ कार्यक्रम ही होंगे.”

कांग्रेस सांसद ने कहा कि तकरीबन दो साल से राहुल गांधी मुद्दों को उठा रहे हैं. अगर फिर भी पूरी कार्रवाई नहीं हो रही है तो इससे पता चलता है कि ‘Government वीक है तभी पेपर लीक है’.

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