सरकार ने खाने के तेल के ‎‎लिए स्टॉक सीमा मानदंड लागू किए


नई दिल्ली (New Delhi) . खाने के तेल और और तिलहन की जमाखोरी रोकने के लिए केंद्र ने मार्च 2022 तक स्टॉक सीमा मानदंड लागू किए हैं क्योंकि दो दौर की शुल्क कटौती के बावजूद कीमतें काफी अधिक हैं. हालांकि, केंद्र ने स्टॉक की सीमा तय करने का काम राज्यों पर छोड़ दिया है. खाद्य मंत्रालय ने खाद्य तेल और तिलहन पर स्टॉक लिमिट को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया. सरकार की ओर से कहा गया है कि खाद्य तेल और तिलहन के निर्यातकों और आयातकों को कुछ शर्तों के अधीन स्टॉक सीमा से छूट दी जाएगी. पिछले महीने सभी तेल मिल मालिकों और स्टॉकिस्टों को अपने स्टॉक का खुलासा करने के लिए कहते हुए, मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से स्टॉक लिमिट लगाने की किसी योजना को लेकर इनकार किया था. जानकारी के मुता‎बिक उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मूल्य निगरानी डेटा का हवाला देते हुए दावा किया गया कि सरसों के तेल को छोड़कर अन्य खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में 3.26 से 8.58 फीसदी तक की गिरावट आई है.

हालांकि सरकार ने खाद्य तेल की कीमतों को कम करने के उद्देश्य से कदम उठाए हैं, लेकिन कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई है. नई अधिसूचना में कहा गया है कि खाद्य तेल और तिलहन पर स्टॉक लिमिट से एक निर्यातक, एक रिफाइनर, मिलर, एक्सट्रैक्टर, थोक व्यापारी या खुदरा विक्रेता या डीलर को, आयातक निर्यातक कोड संख्या होने पर छूट दी जाएगी. लेकिन इसके लिए निर्यातक को यह प्रदर्शित करना होगा कि स्टॉक का पूरा या कुछ हिस्सा निर्यात के लिए है. इसी तरह अगर आयातक, रिफाइनर, मिलर, एक्सट्रैक्टर, थोक व्यापारी या खुदरा विक्रेता या डीलर यह साबित कर सकता है कि उसके स्टॉक का पार्ट का सोर्स आयात है तो भी उसे छूट दी जाएगी. यदि किसी लीगल एंटिटी के पास स्टॉक, निर्धारित सीमा से अधिक है तो उन्हें इसे सरकारी पोर्टल पर घोषित करना होगा और इसे 30 दिनों के भीतर संबंधित राज्य द्वारा अधिसूचित निर्धारित स्टॉक सीमा तक लाना होगा.

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